Ramadan 2026: भागलपुर में दिखा रमजान का चांद, 19 फरवरी से शुरू होगा पाक महीना; जानें सेहरी और इफ्तार का समय
भागलपुर में बुधवार शाम आसमान में रमजान का चांद नजर आते ही पाक महीने की आधिकारिक शुरुआत की घोषणा कर दी गई। चांद दिखने के साथ ही मुस्लिम समुदाय में खुशी की लहर दौड़ गई और गुरुवार, 19 फरवरी से रमजान के रोजे रखे जाएंगे।
जिला शिया वक्फ कमेटी के सचिव सैयद जीजाह हुसैन ने रमजान की अहमियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस्लाम में यह महीना बेहद पवित्र और बरकतों से भरा माना जाता है। उन्होंने बताया कि बालिग पुरुष और महिलाओं के लिए रोजा रखना फर्ज (वाजिब) है और यह आत्मसंयम, इबादत और इंसानियत का महीना है।
रोजा सुबह की पहली किरण से शुरू होकर शाम की आखिरी किरण तक रखा जाता है। इस दौरान खाने-पीने से पूरी तरह परहेज किया जाता है। सूर्यास्त के बाद रोजा खोलने की प्रक्रिया को इफ्तार कहा जाता है, जो सामूहिकता और भाईचारे का प्रतीक मानी जाती है।
रमजान का मकसद: सब्र, इबादत और इंसानियत
सैयद जीजाह हुसैन ने कहा कि रोजा इंसान को भूख और प्यास का वास्तविक एहसास कराता है, जिससे जरूरतमंदों और गरीबों के प्रति मदद का जज्बा पैदा होता है। रमजान के दौरान दान, जकात और खैरात का विशेष महत्व होता है। इस महीने में अधिक से अधिक नेक काम करने पर अल्लाह की तरफ से सवाब मिलने की मान्यता है।
उन्होंने कहा कि रमजान आत्मशुद्धि का महीना है, जिसमें लोग बुराइयों से दूरी बनाकर अपने व्यक्तित्व और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करते हैं। इबादत, संयम, आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक सद्भाव इस महीने की प्रमुख विशेषताएं हैं। अंत में उन्होंने सभी लोगों से रमजान को अमन, भाईचारे और इंसानियत के संदेश के साथ मनाने की अपील की।
19 फरवरी का सेहरी और इफ्तार समय
19 फरवरी, गुरुवार को सेहरी का समय सुबह 5:40 बजे निर्धारित किया गया है, जबकि इफ्तार शाम 4:59 बजे होगा। समुदाय के लोग तय समय के अनुसार अपने पहले रोजे की तैयारी में जुट गए हैं।
