मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीसरी सीट पर सियासी घमासान! कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर, बीजेपी पर जोड़तोड़ के आरोप
मध्य प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस को आशंका है कि भाजपा जोड़तोड़ के जरिए उससे राज्यसभा की संभावित तीसरी सीट छीनने की कोशिश कर सकती है। दरअसल प्रदेश में 19 जून को राज्यसभा की तीन सीटें खाली होने जा रही हैं। मौजूदा विधायकों की संख्या के आधार पर सत्ताधारी भाजपा को दो सीटें और कांग्रेस को एक सीट मिलने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन तीसरी सीट को लेकर सियासी समीकरण जटिल होते नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि भाजपा पहले से ही रणनीति बनाकर इस सीट पर कब्जा करने की कोशिश कर रही है। पार्टी को यह भी डर सता रहा है कि अगर राजनीतिक समीकरण बदले तो यह सीट उसके हाथ से निकल सकती है।
विजयपुर विधानसभा विवाद से बढ़ी चिंता
कांग्रेस की चिंता उस समय और बढ़ गई जब विजयपुर विधानसभा सीट से विधायक मुकेश मल्होत्रा की सदस्यता पर संकट की स्थिति बन गई। उनकी विधायकी रद्द होने की आशंका के चलते मामला अदालत तक पहुंच गया है। हालांकि हाईकोर्ट से फिलहाल उन्हें राहत मिली है, लेकिन कांग्रेस इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुकी है। इसी बीच प्रदेश की राजनीति में घटनाक्रम तेजी से बदलते दिखाई दे रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने लगाए जोड़तोड़ के आरोप
मामले को लेकर प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि राज्यसभा सीट हासिल करने के लिए भाजपा हर संभव प्रयास कर रही है और लगातार जोड़तोड़ की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक-एक वोट इस चुनाव में महत्वपूर्ण होगा और भाजपा किसी भी तरह से समीकरण बदलने की कोशिश कर सकती है।
कांग्रेस नेतृत्व को दी गई चेतावनी
कांग्रेस के महासचिव राकेश सिंह यादव ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों का असर राज्यसभा चुनाव पर पड़ सकता है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व, विशेष रूप से राहुल गांधी को इस मामले को गंभीरता से लेने की सलाह दी है। उनका कहना है कि संगठन स्तर पर मजबूत रणनीति बनाना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।
राजनीतिक गणित बना चिंता की बड़ी वजह
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यदि कुछ विधायक पाला बदलते हैं तो तीसरी राज्यसभा सीट का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है। कांग्रेस के आरोपों के मुताबिक भाजपा की ओर से विधायकों को अगले चुनाव में टिकट और अन्य प्रस्तावों का लालच दिया जा रहा है। यदि छह विधायक इधर से उधर होते हैं तो यह सीट कांग्रेस के हाथ से निकल सकती है। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।
