छत्तीसगढ़ में आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, मुस्लिम परिवारों को नोटिस; 20 मार्च को होगी सुनवाई
अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से आदिवासी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। आरोप है कि लखनपुर ब्लॉक में विशेष संरक्षित जनजाति पंडो समुदाय की जमीन पर झारखंड और बिहार से आए कुछ मुस्लिम परिवारों ने कब्जा कर लिया है। मामले की शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं और कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया है।
शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में, कलेक्टर को जांच के आदेश
बताया जा रहा है कि इस मामले को लेकर अंबिकापुर नगर निगम के भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने मुख्यमंत्री कार्यालय और संभागीय कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा से शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद कमिश्नर ने सरगुजा कलेक्टर को पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
धारा 170 बी के तहत मामला दर्ज, कब्जाधारियों को नोटिस
मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद उदयपुर एसडीएम न्यायालय में धारा 170 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। प्रशासन की ओर से कथित कब्जाधारी मुस्लिम परिवारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
20 मार्च को होगी सुनवाई, दस्तावेज न होने पर हटेगा कब्जा
इस मामले की अगली सुनवाई 20 मार्च को तय की गई है। सुनवाई के दौरान संबंधित लोगों को यह स्पष्ट करना होगा कि उन्हें उक्त जमीन किस आधार पर मिली। यदि वे जमीन से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए, तो प्रशासन की ओर से कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा सकती है।
1987 में दो-तीन परिवार आए थे, अब 80-90 परिवार बसने का आरोप
स्थानीय जानकारी के मुताबिक वर्ष 1987 में पंडो बहुल बस्ती में दो से तीन मुस्लिम परिवार चूड़ी और मनिहारी के व्यापार के सिलसिले में आए थे। उस समय पंडो समाज ने उन्हें रहने के लिए जमीन दी थी। आरोप है कि बाद में कुछ रुपये देकर कागजों पर अंगूठा लगवा लिया गया।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2012 के बाद इन परिवारों ने अपने रिश्तेदारों को भी बुलाकर बसाना शुरू कर दिया, जिसके बाद वर्तमान में वहां लगभग 80 से 90 मुस्लिम परिवार रहने लगे हैं।
राजस्व कर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में
इस पूरे मामले में राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है। आरोप है कि सुनियोजित तरीके से मुस्लिम परिवारों के नाम पर जमीन के पट्टे जारी किए गए। फिलहाल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
