लखनऊ से नेपाल तक राहत की खबर, संजय सेतु तुरंत नहीं होगा बंद, पहले बनेगा वैकल्पिक पैंटून पुल
बाराबंकी। लखनऊ समेत पूर्वांचल के कई जिलों के लाखों लोगों को बड़ी राहत मिली है। बाराबंकी–बहराइच सीमा पर घाघरा नदी पर बने संजय सेतु को फिलहाल बंद नहीं किया जाएगा। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले यहां वैकल्पिक पैंटून ब्रिज (पीपे का पुल) का निर्माण किया जाएगा, ताकि आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो।
वैकल्पिक व्यवस्था के बिना नहीं होगा यातायात बंद
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने साफ किया है कि जब तक पैंटून ब्रिज बनकर तैयार नहीं हो जाता, तब तक संजय सेतु से आवागमन जारी रहेगा। इस फैसले से रोजाना इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों, व्यापारियों और परिवहन सेवाओं को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया फैसला
एनएचएआई के लखनऊ प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि शुक्रवार को प्रमुख सचिव के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में जनता की सुविधा से समझौता न किया जाए और मरम्मत से पहले वैकल्पिक मार्ग की पूरी व्यवस्था हो।
माघ मेला खत्म होते ही शुरू होगा पैंटून पुल का निर्माण
एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार प्रयागराज में माघ मेले के समापन के बाद वहां से पैंटून ब्रिज के लिए आवश्यक सामग्री मंगाई जाएगी। इसके बाद संजय सेतु के पास पैंटून पुल के निर्माण का कार्य शुरू होगा। अधिकारियों का अनुमान है कि यह वैकल्पिक पुल 20 मार्च तक बनकर तैयार हो जाएगा।
41 साल पुराना है संजय सेतु, लाखों लोगों की जीवनरेखा
संजय सेतु का शिलान्यास वर्ष 1984 में बाराबंकी–बहराइच सीमा पर किया गया था और उसी साल इसे यातायात के लिए खोल दिया गया था। करीब 41 साल पुराने इस पुल से बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जिलों के साथ-साथ नेपाल तक आवागमन होता है। यह पुल राजधानी लखनऊ को तराई क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय सीमा से जोड़ने वाला अहम मार्ग माना जाता है।
मरम्मत के दौरान भी बनी रहेगी आवाजाही
अधिकारियों का कहना है कि पैंटून ब्रिज के चालू होते ही संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद किया जाएगा, जिससे यातायात पूरी तरह वैकल्पिक पुल से संचालित किया जा सकेगा। इससे न केवल जाम की समस्या से बचाव होगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और आपात सेवाओं पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा।
