तेलीबाग में जाम से मिलेगी मुक्ति… सफर होगा सुहाना
राजधानी के तेलीबाग में तीन साल से पेंडिंग फ्लाईओवर को हरी झंडी मिल गई है। यह 161 करोड़ से बनाया जाएगा। यहां फ्लाईओवर बनने से जाम से मुक्ति मिलेगी और सफर सुहाना होगा।
राजधानी लखनऊ में तेलीबाग चौराहे पर तीन साल से लंबित उपरिगामी पुल (फ्लाईओवर) परियोजना अब गति पकड़ने जा रही है। करीब 15 दिन पहले शासन के निर्देश पर सेतु निगम ने नए सिरे से सर्वे कराकर 161 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार कर मंजूरी के लिए भेज दिया है। हालांकि, अभी कार्ययोजना में प्रस्ताव का शामिल होना बाकी है, लेकिन शासन की हरी झंडी मिल चुकी है। अब निर्माण में किसी तरह की अड़चन की संभावना नहीं है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2023 में ही यहां जाम की समस्या को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण की घोषणा की गई थी। तब हुए सर्वे में इसकी लागत करीब 145 करोड़ रुपये आंकी गई थी। सेतु निगम का अनुमान है कि रोजाना यहां से छोटे-बड़े मिलाकर करीब एक लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें एसजी पीजीआई के मरीजों को ले जाने वाले वाहन भी शामिल हैं, जो अक्सर जाम में फंस जाते हैं।
छह सड़कों का संगम
तेलीबाग चौराहा आलमबाग, कैंट और वृंदावन कॉलोनी सहित छह प्रमुख सड़कों का संगम स्थल है। यही कारण है कि सुबह से लेकर देर रात तक यहां यातायात का भारी दबाव बना रहता है।
इन्हें मिलेगी राहत
फ्लाईओवर बनने के बाद रायबरेली रोड, आलमबाग रोड, छावनी क्षेत्र, वृंदावन योजना (सेक्टर-5 से 22) और एसजी पीजीआई अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को जाम से बड़ी राहत मिलेगी। आगरा एक्सप्रेसवे और कानपुर से आने-जाने वाले वाहनों से लगने वाला दबाव भी कम होगा। इसके अलावा, लखनऊ कैंट से रायबरेली रोड और आलमबाग वीआईपी रोड से शहीद पथ तक आवागमन सुगम हो जाएगा।
खास बातें
फ्लाईओवर की लंबाई : 850 मीटर
अनुमानित लागत : 161 करोड़ रुपये
पीजीआई की तरफ लंबाई : 60 मीटर
