राजस्थान

पाली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कालिका टीम ने शुरू किया बड़ा अभियान, अब मदद बस एक क्लिक दूर

पाली: पाली शहर में अब महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया है। राजस्थान पुलिस की कालिका टीम ने शहर में एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसमें महिलाएं आपात स्थिति में केवल एक क्लिक या कॉल से मदद प्राप्त कर सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य शहर की सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराना है।

पब्लिक प्लेस पर कालिका टीम की सख्त मौजूदगी

अभियान के तहत पाली के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिसकर्मियों की टीम सक्रिय देखी गई। महिला अनुसंधान सेल के प्रभारी एएसपी नरेंद्र सिंह देवड़ा के निर्देशन में कालिका पेट्रोलिंग टीम की महिला कांस्टेबल भंवरी, इमरती, राधा, संगीता सहित अन्य सदस्य बांगड़ अस्पताल, स्कूल, कॉलेज, बस स्टैंड और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में राजकॉप सिटीजन ऐप के पोस्टर और पैम्फलेट लगाती रहीं। अब यह सुरक्षा संदेश सड़क पर दौड़ते वाहनों और स्कूली बसों पर भी दिखाई देगा, ताकि सफर के दौरान महिलाएं सुरक्षित महसूस करें।

सिर्फ ऐप नहीं, सुरक्षा का समाधान

एएसपी नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि यह अभियान तकनीक के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करने का प्रयास है। राजकॉप सिटीजन ऐप को “सिर्फ एप्लिकेशन नहीं, समाधान है” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। डिजिटल इंडिया मिशन के तहत यह ऐप महिलाओं और बालिकाओं के लिए एक पैनिक बटन की तरह कार्य करता है।

ऐप से मिलेंगी कई सुविधाएं

राजकॉप सिटीजन ऐप के जरिए आपात स्थिति में SOS पैनिक बटन दबाकर तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा, शिकायत दर्ज करने के लिए थाने जाने की आवश्यकता नहीं है और शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है। यूजर अपनी शिकायत की स्थिति रियल टाइम में ट्रैक कर सकते हैं। ऐप के माध्यम से किराएदार और घरेलू नौकर का सत्यापन, साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग और पुलिस अधिकारियों की संपर्क सूची जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।

मुसीबत में कालिका टीम हमेशा साथ

कालिका टीम की महिला पुलिसकर्मियों विनोद कंवर, मनोज कंवर, छोटू कंवर, अनुसूइया और पींकू ने नागरिकों को ऐप डाउनलोड करने और इसका सही उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। पुलिस का संदेश स्पष्ट है कि पाली के हर कोने में लगाए गए पोस्टर और ऐप के जरिए महिलाओं को सुरक्षा का भरोसा मिलेगा। अब अपराध होने का इंतजार नहीं किया जाएगा, बल्कि अपराध की आशंका के समय ही पुलिस मदद के लिए तैयार रहेगी।