यूपी में संपत्ति का ब्योरा नहीं देने वाले कर्मचारियों पर सख्ती, प्रमोशन रुकेगा और विजिलेंस क्लियरेंस भी नहीं मिलेगी
गोरखपुर से बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। चेतावनी के बावजूद मानव सम्पदा पोर्टल पर अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर जिले में ऐसे कार्मिकों की नई सूची तैयार की जा रही है और उन्हें अंतिम अवसर के तहत तत्काल विवरण अपलोड करने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
कार्मिक अनुभाग द्वारा जारी शासनादेश में पहले ही स्पष्ट किया गया था कि जिन कर्मचारियों ने 31 जनवरी 2026 तक संपत्ति का विवरण अपलोड नहीं किया, उनका जनवरी माह का वेतन फरवरी में जारी नहीं किया जाएगा। अब शासन ने 26 फरवरी से 10 मार्च 2026 तक का अंतिम मौका दिया है, ताकि लंबित कर्मचारी पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।
ब्योरा नहीं देने पर रुकेगा प्रमोशन, एसीपी और विदेश यात्रा
निर्धारित अवधि में जो कर्मचारी अपनी चल-अचल संपत्ति का विवरण दर्ज कर देंगे, उन्हें जनवरी और फरवरी 2026 का वेतन भुगतान कर दिया जाएगा। लेकिन जो कर्मचारी इस अवधि में भी जानकारी अपलोड नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय मानी जा रही है।
ऐसे कर्मचारियों के मौजूदा चयन वर्ष में पदोन्नति पर विचार नहीं किया जाएगा। यदि इस वर्ष एसीपी (Assured Career Progression) देय है तो उसे भी रोक दिया जाएगा। इतना ही नहीं, विदेश यात्रा, प्रतिनियुक्ति और अन्य महत्वपूर्ण मामलों में विजिलेंस क्लियरेंस भी जारी नहीं की जाएगी।
जिले में समीक्षा तेज, जिम्मेदारी तय होगी
जिला स्तर पर सभी विभागाध्यक्षों और जिलाधिकारी कार्यालय में समीक्षा की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। संबंधित आहरण-वितरण अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी कर्मचारी का वेतन बिना संपत्ति विवरण अपलोड किए आहरित किया गया है तो उसके लिए उत्तरदायित्व तय किया जाएगा और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
लंबित कर्मचारियों को व्यक्तिगत सूचना
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक कई विभागों ने ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर ली है, जिन्होंने अभी तक ब्योरा नहीं दिया है। इन कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से सूचना देकर अंतिम तिथि से पहले अनुपालन सुनिश्चित कराने की कवायद तेज कर दी गई है।
उप निदेशक पंचायतीराज हिमांशु शेखर ठाकुर ने गोरखपुर मंडल के सभी जिलों देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के डीपीआरओ को निर्देश जारी करते हुए सभी विभागीय कार्मिकों का विवरण मानव सम्पदा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड कराने को कहा है।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर में जनवरी तक विभाग के 53 कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्योरा नहीं दिया था, लेकिन सख्ती के बाद अब यह संख्या घटकर आठ रह गई है। प्रशासन का दावा है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
