Monday, March 2, 2026
बिहार

बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा: दीवार फांदकर एंट्री की तो 2 साल का बैन, जूता-मोजा पहनकर आए तो नहीं मिलेगा प्रवेश

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक परीक्षा 2026 को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। साफ कर दिया गया है कि परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचकर चहारदीवारी फांदने या अवैध तरीके से प्रवेश करने की कोशिश करने वाले परीक्षार्थियों को दो वर्ष तक परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा। बोर्ड की वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होकर 25 फरवरी तक चलेगी।

समय से पहले पहुंचे, वरना बंद हो जाएगा गेट

बोर्ड के निर्देशानुसार दोनों पालियों की परीक्षा के लिए परीक्षार्थियों को कम से कम एक घंटे पहले केंद्र में प्रवेश करना होगा। परीक्षा शुरू होने से आधे घंटे पहले प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा। यदि कोई परीक्षार्थी विलंब से पहुंचकर जबरन प्रवेश करता है तो इसे समिति के निर्देशों का उल्लंघन और ‘क्रिमिनल ट्रेसपास’ की श्रेणी में माना जाएगा।

जूता-मोजा पहनकर आने पर सख्त रोक

बिहार बोर्ड ने परीक्षा केंद्र पर जूता और मोजा पहनकर आने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। परीक्षार्थियों को केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। जूता-मोजा पहनकर आने वाले छात्रों को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा को कदाचारमुक्त और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह तैयार हैं।

नियम तोड़ा तो दो साल का निष्कासन और FIR

बोर्ड ने चेतावनी दी है कि जबरन प्रवेश या कदाचार की कोशिश को परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने का आपराधिक प्रयास माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित परीक्षार्थी को दो वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा और उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की जाएगी। यदि कोई केंद्राधीक्षक नियमों के उल्लंघन के बावजूद ऐसे परीक्षार्थी को बैठने की अनुमति देता है, तो उसके विरुद्ध भी निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।