बकाया बिजली बिल पर ब्याज माफी पर सरकार का बड़ा संकेत, विधानसभा में नीतीश सरकार ने कहा- हो सकता है फैसला
पटना। बिहार में बकाया बिजली बिल को लेकर आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। नीतीश सरकार अब बिजली बिल पर लगने वाले ब्याज और विलंब शुल्क को माफ करने पर विचार कर रही है। गुरुवार को विधानसभा में ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने स्पष्ट किया कि सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है, हालांकि अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
विधानसभा में उठा बकाया बिजली बिल का मुद्दा
यह मामला विधायक शुभानंद मुकेश, रोहित पांडेय, सुजीत कुमार, शैलेश कुमार, त्रिविक्रम नारायण सिंह, रोमित कुमार, बबलू कुमार, मुरारी पासवान और राहुल कुमार सिंह द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान उठा। विधायकों ने गरीब उपभोक्ताओं पर लगाए जा रहे भारी विलंब सरचार्ज और चक्रवृद्धि ब्याज का मुद्दा सदन में उठाया।
ऊर्जा मंत्री का साफ बयान
ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि बिजली का उपयोग किया जाएगा और बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा, ऐसी स्थिति में मूल बिजली बिल को माफ करना संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि बकाया राशि पर लगाए जाने वाले ब्याज को लेकर सरकार विचार कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि अनुरोध करने पर उपभोक्ताओं को बकाया राशि किस्तों में चुकाने की सुविधा पहले से दी जा रही है।
125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का दिया हवाला
ऊर्जा मंत्री ने सदन में जानकारी दी कि जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देना है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल एकमुश्त समाधान योजना (OTSS) लाने का कोई प्रस्ताव सरकार के सामने नहीं है।
क्यों फंसे हैं गरीब उपभोक्ता?
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान विधायकों ने कहा कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना शुरू होने से पहले कई उपभोक्ता आर्थिक तंगी के कारण अपने बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पाए थे। अब उन पर भारी विलंब शुल्क और चक्रवृद्धि ब्याज लगाया जा रहा है। पुराने बकाए के कारण कई गरीब उपभोक्ता मौजूदा मुफ्त बिजली योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं और उनके कनेक्शन तक काटे जा रहे हैं।
एकमुश्त समाधान योजना की मांग
विधायकों का कहना है कि यदि सरकार एकमुश्त समाधान योजना लाकर पुराने बकाए पर लगाए गए चक्रवृद्धि ब्याज और अधिभार को पूरी तरह माफ कर दे और मूल राशि को किस्तों में जमा करने की सुविधा दे, तो इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही सरकार का वर्षों से फंसा हुआ राजस्व भी वापस मिल सकेगा।
आगे क्या होगा फैसला?
सरकार की ओर से फिलहाल सिर्फ ब्याज माफी पर विचार करने का संकेत दिया गया है। ऐसे में अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आने वाले दिनों में नीतीश सरकार बिजली उपभोक्ताओं के लिए कोई ठोस राहत योजना लेकर आती है या नहीं।
