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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार का भरोसा: घरेलू LPG उपभोक्ताओं को नहीं होगी दिक्कत

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका के बीच भारत सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को भरोसा दिलाया है कि एलपीजी की आपूर्ति में उनकी जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि मौजूदा हालात में ऊर्जा शिपिंग मार्ग प्रभावित हुए हैं, जिससे एलपीजी की सप्लाई पर दबाव बना है, लेकिन सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

ऊर्जा शिपिंग मार्गों पर असर, सप्लाई बनी चुनौती
प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते ऊर्जा परिवहन के रास्तों पर असर पड़ा है। ऐसे में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए घरेलू खपत को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

घरेलू जरूरतें पहले, फिर कमर्शियल सप्लाई
सरकार ने साफ किया है कि सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसके बाद ही व्यावसायिक उपयोग के लिए एलपीजी की आपूर्ति पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने माना कि आपूर्ति में कमी एक चिंता का विषय है, लेकिन इसे संतुलित करने के प्रयास जारी हैं।

वैकल्पिक स्रोतों की तलाश तेज
जायसवाल ने बताया कि हाल ही में दो टैंकर भारत पहुंचे हैं, जिससे अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। इसके साथ ही सरकार अन्य देशों से एलपीजी के वैकल्पिक स्रोत तलाश रही है और आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाने पर जोर दिया जा रहा है। ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

तेल आयात पर भी सरकार का स्पष्ट रुख
तेल आयात के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न देशों से ऊर्जा संसाधन खरीदता है और यह एक नियमित प्रक्रिया है। अलग-अलग क्षेत्रों से टैंकरों का आना सामान्य बात है और आगे भी कई जहाज देश में पहुंचेंगे।

ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार ने दोहराया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद आपूर्ति बनाए रखने और किसी भी संकट से निपटने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।