25 हजार करोड़ के एमओयू पर संकट: दस्तावेज नहीं देने पर ‘पूछ AI’ के साथ समझौता रद्द करने की तैयारी
लखनऊ से सामने आई बड़ी खबर में 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश वाले बहुचर्चित एमओयू पर अब संकट गहराता नजर आ रहा है। ‘पूछ AI’ स्टार्टअप कंपनी द्वारा जरूरी दस्तावेज उपलब्ध न कराए जाने के बाद समझौता ज्ञापन को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन्वेस्ट यूपी की ओर से कंपनी को गुरुवार तक का समय दिया गया है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
दस्तावेजों के इंतजार में इन्वेस्ट यूपी
इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद ने स्पष्ट किया है कि कंपनी को सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के लिए अंतिम समय सीमा दी गई है। यदि तय समय तक कागजात उपलब्ध नहीं कराए गए, तो एमओयू रद्द कर दिया जाएगा। इस पूरे मामले पर अब प्रशासनिक स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
बिना पड़ताल के हुआ था बड़ा समझौता
जानकारी के मुताबिक, बेंगलुरु स्थित ‘पूछ AI’ कंपनी ने उत्तर प्रदेश में एआई पार्क स्थापित करने के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव भेजा था। इतने बड़े निवेश प्रस्ताव के बाद अधिकारियों ने कंपनी की विस्तृत जांच किए बिना ही बीते सोमवार को कंपनी के संस्थापक सिद्धार्थ भाटिया के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर दिए थे। इतना ही नहीं, उनकी मुलाकात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी कराई गई थी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर उठे सवाल
मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा जब इस मुलाकात की तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई और लोगों ने कंपनी की आर्थिक स्थिति की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कंपनी का टर्नओवर महज 42.9 लाख रुपये है, जिसके बाद पूरे निवेश प्रस्ताव की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार पर हमला तेज कर दिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और इसे गंभीर चूक करार दिया है।
