Monday, March 2, 2026
छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ को मिला पहला अंतरिक्ष केंद्र, CM साय ने किया शुभारंभ; शुभांशु बोले- अब हर बच्चे का अंतरिक्ष सपना होगा साकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने अंतरिक्ष विज्ञान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए अपने पहले अंतरिक्ष केंद्र की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष’ के तहत आयोजित ‘अंतरिक्ष संगवारी’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ अंतरिक्ष संगवारी केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला भी मौजूद रहे।

पूरे प्रदेश में खोले जाएंगे अंतरिक्ष केंद्र: मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोषणा की कि अंतरिक्ष संगवारी पहल का विस्तार पूरे प्रदेश में किया जाएगा और सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि युवाओं और बच्चों के वैज्ञानिक सपनों को आकार देने की प्रयोगशाला है, जो छत्तीसगढ़ के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव बनेगी।

डॉ. शुभांशु शुक्ला युवाओं के लिए प्रेरणा: सीएम
मुख्यमंत्री साय ने अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि उनके जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनकी अंतरिक्ष यात्रा ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है और बच्चों के भीतर बड़े सपने देखने का साहस जगाया है।

बच्चों के सपनों को मिले पंख
मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों का आकाश और बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र बच्चों को विज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित न रखकर प्रयोग, अनुसंधान और नवाचार के जरिए समझने का अवसर देगा।

जशपुर के बच्चों के रॉकेट निर्माण का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ सही मंच और अवसर की है, जिसे यह अंतरिक्ष केंद्र उपलब्ध कराएगा।

अंतरिक्ष विज्ञान बनेगा रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं रहा, बल्कि यह रोजगार और करियर के नए अवसरों का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के चलते भारत आज अंतरिक्ष जगत में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान और क्लाउड मैपिंग जैसे क्षेत्रों में बच्चों को प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा।

कृषि, सुरक्षा और रोजगार को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि अंतरिक्ष तकनीक से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही तकनीक आधारित रोजगार बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा में सैटेलाइट तकनीक की अहम भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

रॉकेट लॉन्च का अनुभव साझा किया शुभांशु शुक्ला ने
ग्रुप कैप्टन डॉ. शुभांशु शुक्ला ने अपनी अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव साझा करते हुए बताया कि रॉकेट लॉन्च के समय कुछ ही क्षणों में शून्य से करीब 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल होती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जा से भरपूर प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है।

सीएम की संवेदनशीलता और दूरदृष्टि की सराहना
डॉ. शुक्ला ने मुख्यमंत्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र की शुरुआत बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में दूरदर्शी कदम है। उन्होंने क्लीन स्टेशन उद्घाटन का अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री की अनुशासनप्रियता और नेतृत्व क्षमता की सराहना की।

बच्चों की जिज्ञासा का उदाहरण बना सवाल
डॉ. शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का जिक्र करते हुए बताया कि एक बच्चे ने उनसे प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए होमवर्क को लेकर सवाल किया था। उन्होंने इसे बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और गहरी सोच का प्रतीक बताया।

अंतरिक्ष यात्रा और परीक्षा की तुलना
उन्होंने अपने मिशन का अनुभव साझा करते हुए कहा कि रॉकेट इग्नाइट होने का क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल को भूल जाती है। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि ऐसे समय में संयम और अपनी मेहनत पर भरोसा सबसे जरूरी होता है।

41 साल बाद भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि
ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। उन्होंने बच्चों को निरंतर परिश्रम और अपने सपनों के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा दी।

मंत्रियों ने भी की पहल की सराहना
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने बच्चों से बड़े सपने देखने और विज्ञान से दोस्ती करने का आह्वान किया। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया। वन एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने इस पहल को सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक बताया।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, उपाध्यक्ष संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित रहे। डीपीएस और सैनिक स्कूल राजनांदगांव के विद्यार्थियों ने डॉ. शुभांशु शुक्ला को पोर्ट्रेट भेंट किया।