बिहार में बदली व्यवस्था: अब ROR पोर्टल से होगा राजस्व महाअभियान के आवेदनों का निपटारा
बिहार में राजस्व महाअभियान से जुड़े आवेदनों के निष्पादन की प्रक्रिया में अहम बदलाव किया गया है। अब इन आवेदनों का निपटारा नई व्यवस्था के तहत आरओआर पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा। इससे पहले यह प्रक्रिया परिमार्जन प्लस पोर्टल के जरिए पूरी की जा रही थी, लेकिन राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने व्यवस्था को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इसमें बदलाव लागू किया है।
इस संबंध में बिहार सर्वेक्षण कार्यालय की उपनिदेशक मोना झा ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को जानकारी देते हुए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। साथ ही उनसे अनुरोध किया गया है कि अपने स्तर से अंचलाधिकारियों को आरओआर पोर्टल के माध्यम से आवेदनों के निष्पादन के लिए निर्देशित करें।
नई व्यवस्था से अंचल स्तर पर काम होगा आसान
विभाग के अनुसार नई प्रणाली का उद्देश्य अंचलाधिकारियों को रैयतों से जुड़े मामलों के निपटारे में अधिक सुविधा प्रदान करना और कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाना है। इस पोर्टल के संचालन को लेकर विभाग की ओर से विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
अब तक परिमार्जन प्लस पोर्टल में केवल आवेदनों को स्वीकृत या अस्वीकृत करने की ही प्रक्रिया उपलब्ध थी। लेकिन आरओआर पोर्टल के माध्यम से सुनवाई के दौरान आवश्यक सुधार भी राजस्व कर्मियों द्वारा किए जा सकेंगे, जिससे आवेदनों का समाधान अधिक सटीक तरीके से हो सकेगा।
एक लाख से अधिक आवेदन पोर्टल पर अपलोड
राजस्व महाअभियान के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों को स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अधिकारी अब अपने लॉगिन के जरिए जिला, अंचल, मौजा और हल्का के आधार पर इन आवेदनों को आसानी से खोज सकेंगे।
बताया गया कि जिले के विभिन्न अंचलों से राजस्व महाअभियान के दौरान एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे। इन सभी को अब पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है और उनके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
इन मामलों में किया जाएगा सुधार
नई व्यवस्था के तहत कई प्रकार की त्रुटियों को ठीक करने की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें रैयत के नाम में सुधार, प्लॉट विवरण में संशोधन, परिवर्तन के प्राधिकार से जुड़े मामले और लगान अवशेष में सुधार शामिल हैं।
इसके अलावा डिजिटाइज्ड जमाबंदियों में मौजूद त्रुटियों को ठीक करने की प्रक्रिया को भी इस नई प्रणाली के जरिए अधिक सरल बनाया गया है, जिससे राजस्व से जुड़े मामलों के निपटारे में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
