बिहार: सोने का लॉकेट खोने पर परिवार ने बच्चों को तांत्रिक के रंगीन चावल खिलाए, 28 छात्र अस्पताल में भर्ती
सीतामढ़ी। मध्य विद्यालय अथरी में शनिवार को छात्रा वर्तिका की सोने की हनुमानी (लॉकेट) खो जाने के बाद अंधविश्वास ने बच्चों की तबीयत बिगाड़ दी। छात्रा के परिवार ने तांत्रिक की सलाह पर विद्यालय के 28 छात्रों को कच्चा रंगीन चावल खिलाया। चावल खाने के तुरंत बाद कई बच्चों ने मितली और जी मिचलाने की शिकायत की, जिससे हड़कंप मच गया।
स्कूल में बच्चों की तबीयत बिगड़ी
घटना के अनुसार, वर्तिका के पिता राजू चौधरी ने चोर का पता लगाने के लिए तांत्रिक को बुलाया। तांत्रिक ने दावा किया कि अभिमंत्रित रंगीन चावल खाने से लॉकेट चोरी का रहस्य उजागर होगा। सोमवार को बच्चों को चावल खिलाए जाने के बाद कई छात्रों की तबीयत खराब हो गई। अभिभावक तुरंत स्कूल पहुंचे और गुस्से में हंगामा खड़ा हो गया।
स्थानीय प्रशासन ने संभाली स्थिति
स्थिति गंभीर होने पर स्थानीय मुखिया आलोक कुमार और सरपंच दुखहरण प्रसाद सिंह ने एंबुलेंस बुलवाई। बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। चिकित्सकों ने 28 बच्चों की जांच की, जिनमें केवल आठ ने सिरदर्द और पेटदर्द की शिकायत की। बच्चों को ORS और कुछ को पैरासिटामोल दिया गया। सभी बच्चे सुरक्षित घर लौट गए। चिकित्सकों ने बताया कि परेशानी बच्चों के वहम की वजह से हुई थी और इतने कम मात्रा में रंगीन चावल खाने से कोई गंभीर खतरा नहीं था।
अधिकारियों ने की कड़ी प्रतिक्रिया
बीडीओ धनंजय कुमार और थानाध्यक्ष रामनाथ प्रसाद मौके पर पहुंचे और उग्र ग्रामीणों को शांत किया। बीडीओ ने कहा कि यह घटना अत्यंत गंभीर है और किसी बाहरी व्यक्ति को स्कूल परिसर में बच्चों को कुछ खिलाने की अनुमति कैसे मिली, इसकी जांच की जाएगी। विद्यालय की प्रधान शिक्षिका और जबावदेह शिक्षक विपीन ठाकुर से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
