UP Board कॉपियों की जांच पर बड़ा अपडेट: 18 मार्च से शुरू होगा मूल्यांकन, 1 अप्रैल तक चलेगा काम
मेरठ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बाद अब कॉपियों के मूल्यांकन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बोर्ड ने घोषणा की है कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच 18 मार्च से शुरू होगी और यह प्रक्रिया 1 अप्रैल तक चलेगी। क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अंतर्गत आने वाले जिलों में कुल 53 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए हैं, जहां परीक्षकों द्वारा कॉपियों की जांच की जाएगी।
इस वर्ष यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू हुई थीं, जो 12 मार्च को समाप्त होंगी। परीक्षा समाप्त होने से पहले ही बोर्ड ने मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर तैयारियां पूरी करना शुरू कर दिया है, ताकि परिणाम समय पर घोषित किए जा सकें।
मेरठ जिले में कॉपियों की जांच के लिए पांच केंद्र बनाए गए हैं। इनमें पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज बेगमपुल रोड, डीएन इंटर कॉलेज रेलवे रोड चौराहा, एसएसडी ब्वायज इंटर कॉलेज जीरो माइल लालकुर्ती, सनातन धर्म इंटर कॉलेज सदर और एनएएस इंटर कॉलेज शामिल हैं। इन केंद्रों पर बड़ी संख्या में परीक्षक तैनात किए जाएंगे, जो निर्धारित समय सीमा के भीतर कॉपियों का मूल्यांकन करेंगे।
मूल्यांकन कार्य से पहले 17 मार्च को परीक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद 18 मार्च से कॉपियों की जांच का काम औपचारिक रूप से शुरू कर दिया जाएगा। क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 17 जिलों में कुल 53 केंद्र बनाए गए हैं, जहां यह प्रक्रिया संचालित होगी।
इन जिलों में बनाए गए मूल्यांकन केंद्र
क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के तहत आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी में चार-चार केंद्र बनाए गए हैं। एटा, मेरठ और सहारनपुर में सबसे अधिक पांच-पांच मूल्यांकन केंद्र स्थापित किए गए हैं। मथुरा और कासगंज में दो-दो केंद्र बनाए गए हैं, जबकि अलीगढ़ में चार और हाथरस में तीन केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
इसके अलावा बुलंदशहर में चार, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में दो-दो, बागपत में दो, मुजफ्फरनगर में तीन केंद्र बनाए गए हैं। हापुड़ और शामली में सबसे कम एक-एक मूल्यांकन केंद्र निर्धारित किया गया है।
इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के महानगर उपाध्यक्ष राजेश त्यागी ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मांग की है कि कॉपियां जांचने वाले परीक्षकों के लिए जलपान भत्ता सुनिश्चित किया जाए, ताकि मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
