आर्थिक संकट से जूझ रहे हिमाचल को बड़ी राहत, वर्ल्ड बैंक ने 1992 करोड़ के लोन को दी हरी झंडी; आपदा से उबरने में मिलेगी ताकत
शिमला। आर्थिक तंगी और राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद होने के दबाव के बीच हिमाचल प्रदेश के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बीते तीन वर्षों से लगातार मानसूनी आपदाओं की मार झेल रहे राज्य को वर्ल्ड बैंक से बड़ी मदद मिली है। विश्व बैंक ने हिमाचल प्रदेश के लिए करीब 24.5 करोड़ डॉलर, यानी लगभग 1992 करोड़ रुपये के ऋण को मंजूरी दी है। यह राशि राज्य में आपदा के बाद पुनर्वास, मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण और आजीविका के नए अवसर तैयार करने पर खर्च की जाएगी।
वर्ल्ड बैंक बोर्ड की बैठक में मिली मंजूरी
विश्व बैंक के निदेशक मंडल की बुधवार को हुई बैठक में इस ऋण प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। हिमाचल प्रदेश पिछले तीन वर्षों में अत्यधिक वर्षा और खराब मौसम की वजह से गंभीर रूप से प्रभावित रहा है। बार-बार आई प्राकृतिक आपदाओं ने राज्य की अर्थव्यवस्था, आधारभूत ढांचे और आम जनजीवन को गहरा नुकसान पहुंचाया है।
मानसून की तबाही से जनजीवन हुआ प्रभावित
2023 और 2025 के मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण जान-माल का बड़ा नुकसान हुआ। सैकड़ों घर, सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचे तबाह हो गए। स्कूल, बाजार और रोजगार तक लोगों की पहुंच बाधित हुई, जिससे सामान्य जीवन पटरी से उतर गया। इन हालातों में विश्व बैंक की यह सहायता राज्य के लिए संजीवनी साबित मानी जा रही है।
राज्य सरकार को बड़ी राहत
लगातार आपदाओं के चलते जल आपूर्ति और स्वच्छता सेवाएं भी प्रभावित हुईं, जिसका सीधा असर कृषि और बागवानी क्षेत्र पर पड़ा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गहरा झटका लगा। विश्व बैंक द्वारा स्वीकृत ‘विकास और आपदा पुनरुद्धार हिमाचल प्रदेश परियोजना’ के तहत मिलने वाला यह ऋण राज्य सरकार के राहत और पुनर्निर्माण प्रयासों को मजबूती देगा।
परियोजना का उद्देश्य और फोकस क्षेत्र
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करना और समुदाय आधारित आर्थिक गतिविधियों को सशक्त बनाना है। इसके तहत कृषि, स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इससे लाखों महिलाओं को बेहतर सेवाएं और आजीविका के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
रोजगार और आजीविका पर जोर
सामुदायिक स्वामित्व वाली कंपनियों और समूहों में निवेश के माध्यम से करीब 12 हजार लोगों को नए या बेहतर रोजगार उपलब्ध होने का अनुमान है। इसके साथ ही कारीगरों, उत्पादकों और किसानों के लिए नए बाजार तैयार किए जाएंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
तीन साल में आपदाओं से हुआ भारी नुकसान
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 से मानसूनी आपदाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। 2023 में आई आपदा से राज्य को करीब 12 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया गया था, जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी गई। इसके बाद 2024 के मानसून सीजन में भी स्थिति गंभीर बनी रही, जिसमें 454 लोगों की मौत हुई और लगभग 4800 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा। राज्य सरकार लगातार केंद्र से अतिरिक्त आर्थिक सहायता की मांग करती रही है।
वर्ल्ड बैंक ऋण की प्रमुख बातें
कुल ऋण राशि: 24.5 करोड़ डॉलर (करीब 1992 करोड़ रुपये)
परियोजना का नाम: विकास और आपदा पुनरुद्धार हिमाचल प्रदेश परियोजना
मुख्य उद्देश्य: आपदा के बाद पुनर्वास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और भविष्य की आपदाओं के प्रभाव को कम करना
