पंजाब में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत: 1 अप्रैल से दरें होंगी सस्ती, घरेलू टैरिफ में ₹1.55 तक की कटौती
चंडीगढ़। पंजाब के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में 1 अप्रैल 2026 से बिजली की नई दरें लागू होने जा रही हैं, जिनमें समग्र रूप से कमी की गई है। नई दरें 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। नए टैरिफ आदेश के तहत घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को बिजली बिल में सीधी राहत मिलेगी।
नए आदेश के अनुसार राज्य के उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 7851.91 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है। आयोग का कहना है कि बिजली कंपनियों की कार्यक्षमता में सुधार और वित्तीय स्थिति मजबूत होने के कारण यह राहत संभव हो सकी है।
बिजली दरों में समग्र कटौती का फैसला
नए टैरिफ आदेश के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में उल्लेखनीय कमी की गई है। 2 किलोवाट तक के घरेलू कनेक्शन पर 300 यूनिट तक बिजली की दर 5.40 रुपये प्रति यूनिट से घटाकर 3.85 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है। वहीं 300 यूनिट से अधिक खपत पर दर 7.75 रुपये से घटाकर 7.05 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
इस फैसले से राज्य के लाखों परिवारों के बिजली बिल में कमी आएगी और उन्हें मासिक खर्च में राहत मिलेगी।
व्यापार और उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
नई दरों में व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को भी राहत दी गई है। छोटे उद्योगों के लिए “स्मॉल पावर” की सीमा 20 किलोवाट से बढ़ाकर 50 किलोवाट कर दी गई है, जिससे छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को अपने कारोबार का विस्तार करने में सुविधा मिलेगी।
बड़े उद्योगों के लिए भी बिजली दरों में कमी की गई है, जिससे उत्पादन लागत कम होने और उद्योगों को प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलने की उम्मीद है।
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पहल
राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए भी अहम फैसला लिया गया है। ईवी चार्जिंग स्टेशनों के लिए बिजली दर घटाकर 5 रुपये प्रति केवीएएच कर दी गई है, जो देश में सबसे कम दरों में से एक बताई जा रही है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की संभावना है और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन मिलेगा।
वकीलों और होम-स्टे को भी राहत
नई व्यवस्था के तहत पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल में पंजीकृत वकीलों के कोर्ट परिसर में बने चैंबरों के बिजली कनेक्शन को घरेलू श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
इसके अलावा पर्यटन विभाग में पंजीकृत बीएनबी और होम-स्टे इकाइयों को भी, यदि वे बिजली का उपयोग केवल घरेलू उद्देश्यों के लिए करते हैं, तो घरेलू श्रेणी की दरों का लाभ दिया जाएगा।
बिजली लागत में भी आई कमी
आयोग के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए औसत बिजली लागत 7.15 रुपये प्रति यूनिट से घटकर 6.15 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। इससे बिजली व्यवस्था की लागत कम हुई है और इसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा।
इतनी हुई बिजली दरों में कटौती
घरेलू उपभोक्ता (0–300 यूनिट):
पहले 5.40 रुपये प्रति यूनिट, अब 3.85 रुपये प्रति यूनिट — लगभग 1.55 रुपये प्रति यूनिट की कमी
घरेलू उपभोक्ता (300 यूनिट से ऊपर):
पहले 7.75 रुपये प्रति यूनिट, अब 7.05 रुपये प्रति यूनिट — लगभग 0.70 रुपये की कमी
व्यावसायिक उपभोक्ता (0–500 यूनिट):
पहले 6.89 रुपये प्रति यूनिट, अब 6.10 रुपये प्रति यूनिट — करीब 0.79 रुपये की कमी
छोटे उद्योग (स्मॉल पावर):
पहले 5.82 रुपये प्रति केवीएएच, अब 5.70 रुपये प्रति केवीएएच — करीब 0.12 रुपये की कमी
बड़े उद्योग (लार्ज सप्लाई):
पहले 6.60–6.70 रुपये प्रति केवीएएच, अब 5.90–6.00 रुपये प्रति केवीएएच — करीब 0.70 रुपये तक की कमी
ईवी चार्जिंग स्टेशन:
पहले 6.28 रुपये प्रति केवीएएच, अब 5.00 रुपये प्रति केवीएएच — करीब 1.28 रुपये की कमी
बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 31 मार्च 2025 तक बिजली कंपनी को लगभग 2634 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल अनुमानित राजस्व 52,791.41 करोड़ रुपये आंका गया है, जबकि राजस्व आवश्यकता 48,996.28 करोड़ रुपये है।
ट्रू-अप के बाद करीब 7851.91 करोड़ रुपये का सरप्लस सामने आया है, जिसके आधार पर बिजली दरों में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत दी गई है।
