Monday, March 2, 2026
झारखंड

झारखंड सरकार का बड़ा आदेश: सरकारी विश्वविद्यालयों से केनरा और सेंट्रल बैंक में जमा सरकारी धन तुरंत निकालें

झारखंड के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को राज्यपाल सचिवालय की ओर से वित्तीय अनुशासन और सरकारी धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के तहत विश्वविद्यालयों को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक में जमा या निवेशित सरकारी राशि तुरंत वापस लेने और भविष्य में इन बैंकों में किसी भी नई राशि को जमा न करने का निर्देश दिया गया है।

कुलपतियों को तुरंत कार्रवाई का आदेश
राज्यपाल सचिवालय ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और प्रभारी कुलपतियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वित्त विभाग द्वारा 29 जनवरी को जारी दिशा-निर्देशों के आधार पर अविलंब कार्रवाई सुनिश्चित करें। साथ ही यदि राशि स्थानांतरण के लिए नया बैंक खाता खोलना आवश्यक हो, तो इसके लिए वित्त विभाग की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। बिना अनुमति के नया खाता खोलना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

सरकारी धन की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
वित्त विभाग के पत्र में बताया गया है कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक में झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी इम्प्लाइज मास्टर ट्रस्ट और जेटीडीसी लिमिटेड की ओर से जमा सावधि राशि में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं, जालसाजी और फर्जीवाड़े के आरोप सामने आए हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि दोनों बैंकों द्वारा राशि को वापस करने में लगातार विलंब किया जा रहा है, जिससे सरकारी धन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

सावधि जमा राशि को अनुमोदित बैंकों में स्थानांतरित किया जाएगा
इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि राज्य के सभी विभागों, कार्यालयों, विश्वविद्यालयों, बोर्डों, स्वायत्त संस्थानों और स्थानीय प्राधिकरणों द्वारा सेंट्रल बैंक और केनरा बैंक में रखी गई सावधि जमा और अन्य सरकारी राशि को चरणबद्ध तरीके से वापस लिया जाएगा और उसे राज्य सरकार से अनुमोदित बैंकों में स्थानांतरित किया जाएगा।

कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करना होगा
राज्यपाल सचिवालय ने यह भी कहा है कि इन आदेशों का कड़ाई से पालन संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी होगी। झारखंड के सरकारी विश्वविद्यालयों में रांची विश्वविद्यालय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, बिनोद बिहारी महतो विश्वविद्यालय कोयलांचल, विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग, नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय मेदिनीनगर, कोल्हान विश्वविद्यालय चाईबासा, सिद्धो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय सहित कई अन्य शामिल हैं। इन विश्वविद्यालयों को अब अपनी निवेशित सरकारी राशि तुरंत दोनों बैंकों से निकालनी होगी।