रूपेश पांडेय हत्याकांड में बड़ा फैसला, CBI कोर्ट ने 3 आरोपियों को ठहराया दोषी; 5 फरवरी को सजा का ऐलान
हजारीबाग। झारखंड के बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में चार साल बाद बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया है। सीबीआई कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि सबूतों के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया। विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने दोषियों को सजा सुनाने के लिए 5 फरवरी की तारीख तय की है। सोमवार को आरोपियों की पेशी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कराई गई।
तीन आरोपी दोषी, दो को किया गया बरी
सीबीआई कोर्ट ने जिन आरोपियों को दोषी ठहराया है, उनमें मो. असलम अंसारी उर्फ असलम उर्फ पप्पु मियां, मो. कैफ और मो. गुरफान शामिल हैं। वहीं ठोस साक्ष्य नहीं मिलने के कारण मो. इरफान और इश्तेखार मियां को अदालत ने बरी कर दिया। एक नाबालिग आरोपी का मामला हजारीबाग स्थित किशोर न्याय बोर्ड में अब भी लंबित है।
सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान हुई थी हत्या
यह मामला 6 फरवरी 2022 का है, जब 18 वर्षीय रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गया था। शाम करीब पांच बजे विसर्जन जुलूस के दौरान उन्मादी भीड़ ने रूपेश की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद बरही थाने में 27 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 फरवरी 2022 को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई को सौंपी गई थी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एस.के. द्विवेदी की अदालत ने 2 सितंबर 2022 को हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया था। रूपेश पांडेय की मां उर्मिला पांडेय ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। आरोपियों पर हत्या, आपराधिक साजिश सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा चलाया गया।
कोर्ट में पेश हुईं 15 गवाहियां
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से वरिष्ठ लोक अभियोजक प्रियांशु सिंह ने अदालत के समक्ष कुल 15 गवाहों को प्रस्तुत किया। गवाहियों और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने तीन आरोपियों को दोषी करार दिया।
इश्तेखार के बरी होने को देंगे चुनौती, बोले पिता
कोर्ट के फैसले के दौरान रूपेश पांडेय के पिता सिकंदर पांडेय सुबह 10.30 बजे ही अपने सहयोगियों के साथ अदालत पहुंचे थे। फैसले के बाद उन्होंने कहा कि तीन आरोपियों के दोषी ठहराए जाने से उन्हें संतोष है, लेकिन उनके अनुसार घटना का मुख्य आरोपी इश्तेखार मियां है, जिसे कोर्ट ने बरी कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इश्तेखार घटना के बाद से ही चार सालों से फरार है। सिकंदर पांडेय ने स्पष्ट किया कि वे इश्तेखार के बरी होने के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे और जरूरत पड़ी तो आगे भी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।
