वैशाली सरिता प्रकाश हत्याकांड में बड़ा ब्रेकथ्रू, पति सत्येंद्र कुमार गिरफ्तार, SIT की जांच और तेज
बिहार के वैशाली जिले से सामने आए सनसनीखेज सरिता प्रकाश हत्याकांड में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। करताहा थाना क्षेत्र के करताहा बुजुर्ग की नवविवाहिता सरिता प्रकाश की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी और मृतका के पति सत्येंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं पांच आरोपी
इस बहुचर्चित हत्याकांड में पुलिस पहले ही मृतका के भैसुर समेत एक दरोगा सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। हरिहरनाथ थाना अध्यक्ष ने बताया कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
हत्या के बाद स्कॉर्पियो से फेंका गया था शव
पुलिस जांच में सामने आया है कि 17 जनवरी की मध्यरात्रि करताहा बुजुर्ग निवासी सरिता प्रकाश की हत्या कर उसका शव स्कॉर्पियो वाहन से सोनपुर के हरिहरनाथ थाना क्षेत्र अंतर्गत चिड़िया बाजार में एक घर के दरवाजे पर फेंक दिया गया था। शव फेंके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से सुर्खियों में आया था।
मृतका के पिता ने दर्ज कराई थी नामजद प्राथमिकी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। इसके बाद मृतका के पिता, जो हरिहरनाथ थाना क्षेत्र के चिड़िया बाजार निवासी हैं, ने सरिता के पति सत्येंद्र कुमार समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सोनपुर के अपर पुलिस अधीक्षक प्रीतीश कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया।
दरोगा संतोष रजक की भूमिका पर उठे सवाल
जांच के दौरान 21 जनवरी को अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर सरिता के भैसुर जीतन सिंह, उनके पुत्र प्रिंस कुमार और राकेश कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। वहीं शव फेंकने में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो गाड़ी को लालगंज थाना क्षेत्र स्थित दरोगा संतोष रजक के ससुराल से बरामद किया गया।
स्कॉर्पियो से मिले फॉरेंसिक सबूत
फॉरेंसिक जांच के दौरान स्कॉर्पियो वाहन से खून के धब्बे और बाल बरामद किए गए। जांच में दरोगा संतोष रजक की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। संतोष रजक उस समय मुजफ्फरपुर जिले के पानापुर कांटी थाना में पदस्थापित थे, जिन्हें गिरफ्तारी के बाद निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस की छापेमारी जारी, जल्द होगा पूरा खुलासा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्याकांड के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है और जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।
