Monday, March 2, 2026
दिल्ली

सीएम रेखा गुप्ता का बड़ा प्रशासनिक फैसला, MCD कमिश्नर को मिले 50 करोड़ तक के वित्तीय अधिकार, विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली में नगर निगम से जुड़े विकास कार्यों को तेज़ी से ज़मीन पर उतारने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने अहम प्रशासनिक कदम उठाया है। दिल्ली नगर निगम के आयुक्त के वित्तीय अधिकारों में बड़ा इज़ाफा किया गया है, जिसके तहत अब आयुक्त अपने स्तर पर ही 50 करोड़ रुपये तक की योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दे सकेंगे। सरकार के इस फैसले से न केवल वर्षों से चली आ रही फाइलों की उलझन खत्म होगी, बल्कि बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़े काम भी तेज़ी से पूरे हो सकेंगे।

अब तक कैसी थी मंजूरी की प्रक्रिया
वर्तमान व्यवस्था के तहत दिल्ली नगर निगम आयुक्त को केवल 5 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अधिकार था। इससे अधिक लागत वाली योजनाओं के लिए पहले स्थायी समिति की मंजूरी अनिवार्य होती थी और उसके बाद निगम सदन से अंतिम अनुमोदन लेना पड़ता था। इस बहुस्तरीय प्रक्रिया के कारण कई अहम विकास परियोजनाएं लंबे समय तक अटकी रहती थीं, जिससे जनता को समय पर सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता था।

50 करोड़ तक सीधे मंजूरी से बदलेगा सिस्टम
आयुक्त के वित्तीय अधिकार बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये किए जाने से विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब सड़कों, नालों, साफ-सफाई, सामुदायिक भवनों और अन्य बुनियादी सेवाओं से जुड़े कार्यों को मंजूरी के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। निर्णय प्रक्रिया के सरल होने से योजनाएं तय समयसीमा में पूरी होंगी और नागरिकों को उनका सीधा लाभ मिलेगा।

सरकार का फोकस सुशासन और जनसुविधा पर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली के समग्र विकास के लिए स्थानीय निकायों को सशक्त बनाना सरकार की प्राथमिकता है। यह फैसला जनहित को ध्यान में रखते हुए लिया गया दूरदर्शी प्रशासनिक कदम माना जा रहा है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

लंबित परियोजनाओं को मिलेगी नई गति
इस निर्णय के बाद लंबे समय से अटकी विकास योजनाओं के तेज़ी से आगे बढ़ने की संभावना है। समयबद्ध कार्यों से न केवल संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, बल्कि सार्वजनिक धन की प्रभावशीलता भी बढ़ेगी। सरकार को भरोसा है कि इस कदम से दिल्ली के नागरिकों को रोजमर्रा की समस्याओं से राहत मिलेगी और शहर के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।