Monday, March 2, 2026
राजस्थान

राजस्थान में ED की बड़ी कार्रवाई, बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव गिरफ्तार; MLA फंड घोटाले का आरोप

जयपुर। राजस्थान में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लेते हुए बहरोड़ विधानसभा सीट के पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को गिरफ्तार कर लिया है। ईडी ने यह कार्रवाई विधायक निधि कोष (MLA फंड) के दुरुपयोग के मामले में की है। जयपुर क्षेत्रीय इकाई की टीम ने मंगलवार देर रात जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलवर के शाहजहापुर टोल प्लाजा के पास पूर्व विधायक को हिरासत में लिया।

विशेष अदालत में पेशी, तीन दिन की रिमांड मंजूर
गिरफ्तारी के बाद ईडी ने बलजीत यादव को जयपुर स्थित सीबीआई मामलों की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने करीब पांच घंटे तक चली सुनवाई के बाद पूर्व विधायक को तीन दिन की रिमांड पर भेज दिया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश खगेंद्र कुमार शर्मा की अदालत में हुई।

पूर्व विधायक का आरोप, राजनीतिक साजिश में फंसाने का दावा
अदालत में सुनवाई के दौरान बलजीत यादव ने आरोप लगाया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बहरोड़ सीट से मौजूदा भाजपा विधायक जसवंत यादव के मंदबुद्धि पुत्र को विधायक बनाने के लिए उनके खिलाफ झूठा मामला गढ़ा गया है।

बचाव पक्ष की दलील, प्रक्रिया के तहत हुआ था खेल सामग्री वितरण
पूर्व विधायक की ओर से पेश अधिवक्ता भानू प्रकाश शर्मा ने अदालत में दलील दी कि सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री का वितरण पूरी प्रक्रिया के तहत किया गया था। उन्होंने बताया कि पंचायत समिति की ओर से टेंडर प्रकाशित किए गए थे और जो फर्म सही पाई गई, उसी को खेल सामग्री की आपूर्ति का कार्य सौंपा गया था।

ED का पक्ष, समन के बावजूद नहीं किया सहयोग
ईडी की ओर से अधिवक्ता अपेक्षा तिवारी ने अदालत को बताया कि बलजीत यादव को पिछले वर्ष तीन बार पूछताछ के लिए समन भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। इसी कारण ईडी को मजबूरन गिरफ्तारी करनी पड़ी। ईडी ने अदालत को बताया कि पूर्व विधायक पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की एमएलए फंड राशि के दुरुपयोग का आरोप है।

2020 में 32 सरकारी स्कूलों के नाम पर घोटाले का आरोप
ईडी के अनुसार, वर्ष 2020 में बहरोड़ विधानसभा क्षेत्र के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट की खरीद दिखाई गई थी। आरोप है कि किट खरीद के नाम पर करीब 3 करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की राशि का दुरुपयोग किया गया।

पहले भी हो चुकी है छापेमारी
मामले में यह भी सामने आया है कि पिछले वर्ष जनवरी में ईडी ने बलजीत यादव और उनके करीबी लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी। राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत रिपोर्ट दर्ज किए जाने के बाद ईडी ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पूर्व विधायक के खिलाफ कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद होने का दावा किया गया है।