Monday, March 2, 2026
हरियाणा

सूरजकुंड मेला हादसे के बाद सवालों के घेरे में प्रशासन, जानिए झूला लगाने से पहले क्या हैं सख्त नियम

फरीदाबाद। सूरजकुंड मेला हादसे के बाद झूला संचालन और प्रशासनिक निगरानी को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। नियमों के मुताबिक किसी भी मेले में झूला लगाने से पहले कई स्तरों पर जांच और अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन हादसे के बाद अफसरों की भूमिका और लापरवाही पर चर्चा तेज हो गई है।

झूला लगाने से पहले किन नियमों का पालन जरूरी
नियमों के अनुसार झूला लगाने से पहले उसके स्थल का निरीक्षण किया जाता है, जिसमें प्रवेश और निकासी मार्गों की स्पष्ट व्यवस्था देखी जाती है। झूले की मजबूती और तकनीकी सुरक्षा की जांच मैकेनिकल इंजीनियर या संबंधित सरकारी एजेंसी द्वारा की जाती है, जिसके बाद फिटनेस सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। इसके साथ ही अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना भी अनिवार्य होता है।

बिजली और सुरक्षा इंतजामों की होती है अलग जांच
मेले में लगाए जाने वाले झूलों के लिए बिजली कनेक्शन और वायरिंग की जांच विद्युत निरीक्षक द्वारा की जाती है। दर्शकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए झूला संचालक के पास थर्ड पार्टी इंश्योरेंस होना जरूरी है। किसी भी तरह की दुर्घटना होने पर मुआवजे की पूरी जिम्मेदारी झूला संचालक की होती है।

हर झूले पर लिखी होनी चाहिए जरूरी जानकारी
नियमों के तहत हर झूले के बाहर उसकी ऊंचाई, आयु सीमा और सुरक्षा से जुड़े निर्देश हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में स्पष्ट रूप से लिखे होना अनिवार्य है। इसके अलावा झूला क्षेत्र में प्राथमिक चिकित्सा किट और आपातकालीन स्टॉप बटन की व्यवस्था भी जरूरी मानी जाती है।

झूला लगाने से पहले किन अधिकारियों की होती है जांच
झूलों की अनुमति और जांच के लिए गठित कमेटी में लोक निर्माण विभाग के मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल एक्सईएन, जेसी बोस वाईएमसीए यूनिवर्सिटी के इलेक्ट्रिकल विभाग के चेयरमैन, अग्निशमन अधिकारी, एचएसवीपी के एसडीओ इलेक्ट्रिकल, हरियाणा स्टेट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के मैकेनिकल इंचार्ज, हरियाणा टूरिज्म के जेई और इलेक्ट्रिकल इंस्पेक्टोरेट के एक्सईएन शामिल रहते हैं।

एसीपी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय एसआईटी करेगी अलग जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है। इस टीम में एसीपी क्राइम वरुण कुमार दहिया, क्राइम ब्रांच एनआईटी प्रभारी शीशपाल और सूरजकुंड थाना के एसआई संजय को शामिल किया गया है। डीसीपी मुकेश मल्होत्रा इस एसआईटी की निगरानी करेंगे। पुलिस का कहना है कि टीम वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं के आधार पर पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।