Monday, March 2, 2026
उत्तराखंड

महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल, सरकार की गेमचेंजर योजना से 5 लाख महिलाएं बनेंगी ‘लखपति दीदी’

देहरादून। उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों में महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की लखपति दीदी योजना बड़ा बदलाव लेकर आई है। महिला स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी यह योजना न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है। राज्य में अब तक ढाई लाख से ज्यादा महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनकी सालाना आय एक लाख रुपये से अधिक हो चुकी है।

सरकार ने इस योजना को और विस्तार देते हुए अगले दो वर्षों में पांच लाख से अधिक महिलाओं को लखपति बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसे लेकर ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि तय समय में लक्ष्य हासिल किया जा सके।

महिला स्वयं सहायता समूह बने आर्थिक मजबूती की रीढ़
राज्य के गठन से लेकर विकास तक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए सरकार ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने पर खास जोर दिया है। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन को बढ़ावा दिया गया। वर्तमान में केंद्र और राज्य सरकार के आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में 68 हजार से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जो स्थानीय संसाधनों पर आधारित उत्पाद तैयार कर रहे हैं।

लखपति दीदी योजना से बदली ग्रामीण महिलाओं की तस्वीर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में वर्ष 2002 में लखपति दीदी योजना की शुरुआत की गई। इस योजना के तहत महिलाओं को कृषि और उद्यान गतिविधियों, स्थानीय उत्पादों के निर्माण, सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से जोड़ा गया। इसके साथ ही रसोई गैस वितरण, प्रारंभिक पशु चिकित्सा सेवाएं, बीमा योजनाएं और डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण देकर आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए गए।

बाजार से जुड़ाव ने बढ़ाई आमदनी
सरकार की ओर से महिला समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। इसका असर यह रहा कि योजना की शुरुआत से दिसंबर 2025 तक प्रदेश में 2.54 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 1.20 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 91,445 महिलाएं अब तक इस श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।

सशक्त बहना उत्सव योजना से कारोबार को मिली रफ्तार
महिला समूहों की आजीविका को और सशक्त बनाने के लिए अगस्त 2023 से मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना भी लागू की गई। वर्तमान में 35 हजार से अधिक महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं। इसके तहत अब तक महिला समूह 9.11 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर चुके हैं।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि महिला सशक्तिकरण के तहत स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है। गांवों में पेयजल आपूर्ति जैसी सेवाओं में भी महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि यह योजना ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने में गेमचेंजर साबित होगी।