हिमाचल में भांग की खेती को लेकर सरकार का बड़ा कदम! किसानों को मिलेगी नर्सरी, कानून लागू होने के बाद शुरू होगी पौध वितरण की प्रक्रिया
शिमला: हिमाचल प्रदेश में भांग की नियंत्रित और औषधीय खेती को बढ़ावा देने की दिशा में तैयारियां तेज हो गई हैं। कृषि विश्वविद्यालय ने कम नशीले तत्वों वाली भांग के बीज तैयार कर लिए हैं। अब विश्वविद्यालय अपने खाली पड़े परिसर की जमीन पर इन बीजों से नर्सरी तैयार करने की योजना बना रहा है। सरकार की ओर से निर्धारित कानून, नियमों और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत किसानों को यहां से पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। शुरुआती चरण में इस व्यवस्था को सीमित स्तर पर प्रयोग के तौर पर लागू करने की तैयारी है।
विदेश से मंगाए गए बीजों से तैयार हुई नई पौध
कृषि विश्वविद्यालय ने भांग की खेती के लिए शुरुआत में विदेश से बीज मंगवाए थे। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर इन बीजों से पौधे तैयार किए गए और आगे बीजों का उत्पादन किया गया। अब इन बीजों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि भविष्य में नियंत्रित खेती के लिए पर्याप्त मात्रा में पौधे उपलब्ध कराए जा सकें।
विश्वविद्यालय ऐसे परिसर की जमीन पर नर्सरी विकसित करेगा, जिसका फिलहाल इस्तेमाल नहीं हो रहा है। यहां तैयार होने वाले पौधे किसानों को सरकार द्वारा तय नियमों और एसओपी के अनुसार ही दिए जाएंगे।
औषधीय और औद्योगिक उपयोग पर सरकार का जोर
हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में जंगलों और अन्य स्थानों पर प्राकृतिक रूप से भांग उगती है। इसमें नशीले तत्वों की मात्रा अधिक हो सकती है। हालांकि, प्राकृतिक रूप से उगने वाली भांग को परिष्कृत करके औद्योगिक और औषधीय कार्यों में इस्तेमाल करने की संभावनाएं भी मौजूद हैं।
सरकार की योजना इस खेती को वैज्ञानिक निगरानी और निर्धारित नियमों के दायरे में शुरू करने की है। इसके तहत बीजों की किस्म, खेती का क्षेत्र, उत्पादन और तैयार फसल के उपयोग समेत विभिन्न पहलुओं पर नियंत्रण रखा जाएगा।
कानून बनने के बाद किसानों को मिलेगी पौध: कृषि मंत्री
हिमाचल प्रदेश के कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने कहा कि किसानों को भांग की खेती के लिए नर्सरी के माध्यम से पौधे उपलब्ध करवाए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए पहले सरकार को कानून और नियम लागू करने होंगे। कानूनी व्यवस्था तैयार होने के बाद ही पौध वितरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को बिना अनुमति भांग की खेती करने की छूट नहीं होगी। खेती से जुड़े सभी पहलुओं को सरकार द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत नियंत्रित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य नशे को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि भांग के औषधीय और अन्य वैध उपयोगों की संभावनाओं का वैज्ञानिक तरीके से इस्तेमाल करना है।
