छत्तीसगढ़

कोयला संकट के बीच यूपी में बिजली सप्लाई सुचारु, दिन में नहीं हुई कटौती; 27,744 मेगावाट की पीक डिमांड पूरी

लखनऊ: कोयला संकट और अन्य चुनौतियों के बीच उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन के समय कटौती-मुक्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी औसतन 20 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

सात राज्यों से 2,400 मेगावाट बिजली की पावर बैंकिंग

पीक आवर्स में बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए उत्तर प्रदेश को विभिन्न राज्यों से पावर बैंकिंग के जरिए औसतन करीब 2,400 मेगावाट बिजली मिल रही है। इसमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश शामिल हैं।

दूसरे राज्यों से बिजली लेने की इस व्यवस्था के जरिए प्रदेश में मांग के अनुसार आपूर्ति बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार और विद्युत विभाग का जोर उपभोक्ताओं को सुचारु और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने पर है।

19 सितंबर को 27,744 मेगावाट की मांग पूरी

19 सितंबर को प्रदेश के सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को दिन में कटौती-मुक्त बिजली उपलब्ध कराई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 20 घंटे 33 मिनट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हुई। इस दौरान प्रदेश में 27,744 मेगावाट की विद्युत मांग की आपूर्ति की गई। पीक डिमांड की बिजली आपूर्ति के मामले में उत्तर प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर रहा।

इससे एक दिन पहले 18 सितंबर को भी सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं को दिन के समय कटौती-मुक्त बिजली मिली थी। उस दिन ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 21 घंटे 43 मिनट बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई और प्रदेश में 27,173 मेगावाट की विद्युत आपूर्ति की गई।

रोस्टर के मुताबिक बिजली देने के निर्देश

यूपीपीसीएल अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को सभी क्षेत्रों में निर्धारित रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि इसके लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जाएं और जहां से भी बिजली उपलब्ध हो सके, उसे प्राप्त कर प्रदेश में आपूर्ति सामान्य बनाए रखी जाए।

अनुरक्षण माह में बिजली व्यवस्था सुधारने पर जोर

सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत अनुरक्षण माह में प्रदेशभर में बिजली व्यवस्था को बेहतर और सुचारु बनाने के लिए विभिन्न रखरखाव कार्य किए जा रहे हैं। यूपीपीसीएल की टीमें फील्ड में जरूरी अनुरक्षण कार्यों को पूरा करने में जुटी हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को सुरक्षित, विश्वसनीय और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है।