उत्तर प्रदेश

आगरा में करबन नदी पर बनेगा माइनर ब्रिज, किसानों से जमीन खरीद की दर बढ़ी; यीडा बोर्ड के बड़े फैसले

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, खेल और किसानों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में आगरा में करबन नदी पर माइनर ब्रिज बनाने, किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीद की दर बढ़ाने, जेवर एयरपोर्ट के पास अंतरराज्यीय बस अड्डा विकसित करने और मेडिकल हब समेत कई बड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ।

आगरा में करबन नदी पर बनेगा माइनर ब्रिज

आगरा में यीडा क्षेत्र के तहत यमुना एक्सप्रेसवे की चैनेज 161.21 पर सर्विस रोड में करबन नदी के ऊपर कलवर्ट यानी माइनर ब्रिज बनाने को मंजूरी दी गई है। बारिश के दौरान जलभराव के कारण इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित होता है। ब्रिज बनने के बाद बरसात के समय भी सर्विस रोड पर यातायात सुचारु रखने में मदद मिलेगी।

किसानों से जमीन खरीद की दर बढ़ाई गई

औद्योगिक और अवस्थापना परियोजनाओं के विस्तार को देखते हुए किसानों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि खरीद की दर में बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया। यीडा क्षेत्र के फेज-1 में गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर में भूमि खरीद की मौजूदा दर 4,300 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी गई है। यह वृद्धि 6 प्रतिशत के आधार पर की गई है। इसके अलावा 4,037 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर और 7 प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ भूमि खरीद का विकल्प भी रखा गया है।

500 एकड़ में विकसित होगा मेडिकल हब

बोर्ड बैठक में सेक्टर-13 और सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल हब विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही सेक्टर-14 में 480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने का प्रस्ताव भी आगे बढ़ाया गया है। इन परियोजनाओं से चिकित्सा और उच्च शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुलेगा।

50 एकड़ में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम

खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ जमीन पर आधुनिक अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तैयार होने के बाद बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के आयोजन की संभावनाएं बढ़ेंगी। स्थानीय और प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को भी प्रशिक्षण और प्रतियोगिता से जुड़ी सुविधाएं मिल सकेंगी।

36 एकड़ में स्थापित होगी आधुनिक मंडी

किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर मंडी स्थापित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई। यहां कृषि उत्पादों के विपणन, भंडारण और व्यापार से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे किसानों को व्यवस्थित बाजार व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास होगा।

नोएडा एयरपोर्ट के पास बनेगा अंतरराज्यीय बस अड्डा

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास बढ़ती परिवहन जरूरतों को देखते हुए सेक्टर-23सी में अंतरराज्यीय बस अड्डा विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित करने का फैसला किया गया है। इससे एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

300 एकड़ में बनेगी ताइवान सिटी

इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए सेक्टर-6 में 300 एकड़ भूमि पर ताइवान सिटी विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यहां ताइवान आधारित कंपनियों और तकनीकी विनिर्माण इकाइयों को जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स, तकनीक और विनिर्माण से जुड़े उद्योगों के विस्तार की संभावना है।

125 एकड़ में फार्मास्युटिकल क्लस्टर

उत्तर प्रदेश को फार्मा विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से सेक्टर-6 में 100 से 125 एकड़ भूमि पर फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित करने का फैसला हुआ है। यहां राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस मानकों के अनुरूप दवा निर्माण इकाइयां स्थापित की जाएंगी।

क्लस्टर में टैबलेट, कैप्सूल, इंजेक्शन, ओरल लिक्विड, टॉपिकल प्रिपरेशन और अन्य तैयार दवा उत्पादों के निर्माण से जुड़ी इकाइयां स्थापित किए जाने की योजना है। इससे फार्मा कंपनियों के निवेश के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में काम होगा।

मेडिकल डिवाइस पार्क में बनेगी टेस्टिंग सुविधा

मेडिकल डिवाइस पार्क में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मेडिकल डिवाइस टेस्टिंग सुविधा स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके तकनीकी, वित्तीय और संस्थागत पहलुओं की जांच के लिए तकनीकी विशेषज्ञ समिति के गठन को भी स्वीकृति दी गई।

प्रस्तावित सुविधा में विद्युत सुरक्षा, विद्युतचुंबकीय अनुकूलता, यांत्रिक प्रदर्शन, सॉफ्टवेयर सत्यापन, कीटाणुशोधन और पैकेजिंग सत्यापन जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इससे चिकित्सा उपकरण निर्माताओं और एमएसएमई इकाइयों को परीक्षण के लिए विदेश स्थित प्रयोगशालाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

यीडा की प्राप्तियों में 90.25 फीसदी की बढ़ोतरी

बोर्ड बैठक में यीडा की वित्तीय स्थिति का भी ब्योरा रखा गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जुलाई 2025 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां 974.37 करोड़ रुपये थीं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक यह राशि बढ़कर 1,853.74 करोड़ रुपये हो गई। इस तरह समान अवधि में कुल प्राप्तियों में 90.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

औद्योगिक और मिश्रित भूमि योजना के तहत 1,195.99 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पूरे वर्ष के निर्धारित बजट का 86.17 प्रतिशत है। वहीं 31 जुलाई 2025 तक कुल व्यय 1,308.57 करोड़ रुपये था, जो 31 जुलाई 2026 तक बढ़कर 3,690.64 करोड़ रुपये हो गया। इसमें भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर 3,371 करोड़ रुपये खर्च किए गए।