उत्तराखंड SIR में दिल्ली-बरेली के लोगों के नाम से आपत्ति! कांग्रेस ने लगाया वोट काटने की साजिश का आरोप, ECI ने दिया जवाब
देहरादून: उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि फॉर्म-07 के जरिए मतदाता सूची में नाम हटाने के लिए लगाई गई कुछ आपत्तियों में दिल्ली, बरेली और गाजियाबाद के लोगों के मोबाइल नंबर दर्ज हैं। कांग्रेस ने इसे पात्र मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश बताते हुए जांच की मांग की है। मामले में निर्वाचन अधिकारियों की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है।
कांग्रेस के प्रदेश सचिव अमेंद्र बिष्ट ने एक लाइव वीडियो में फॉर्म-07 में दर्ज मोबाइल नंबरों पर फोन कर संबंधित लोगों से बातचीत की। बिष्ट का दावा है कि फोन उठाने वाले लोगों ने उत्तराखंड से किसी तरह का संबंध होने और आपत्ति दर्ज कराने से इनकार किया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। हालांकि, हिन्दुस्तान ने इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
133 मोबाइल नंबरों पर संपर्क का दावा
अमेंद्र बिष्ट के मुताबिक, उन्होंने फॉर्म-07 में दर्ज 133 मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने की कोशिश की। उनका दावा है कि इनमें से कोई भी नंबर सही नहीं पाया गया। देहरादून की मसूरी विधानसभा के कुछ बूथों पर स्थानीय मतदाताओं के नाम के खिलाफ आपत्तियां दर्ज हैं, लेकिन उनमें आपत्तिकर्ताओं की ओर से कथित तौर पर गलत मोबाइल नंबर दर्ज किए गए हैं। फॉर्म में आपत्तिकर्ता की पूरी जानकारी भी उपलब्ध नहीं होने का दावा किया गया है।
कांग्रेस ने लगाया वोट काटने की साजिश का आरोप
कांग्रेस नेता का आरोप है कि पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने के लिए जानबूझकर इस तरह की आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन कार्यालय से इन सभी फॉर्म की जांच कराने और बूथ लेवल अधिकारी तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को सतर्क करने की मांग की है।
हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून में अभियान
कांग्रेस ने मतदाता सूची से पात्र लोगों के नाम हटने की आशंका को देखते हुए विधानसभा स्तर पर विशेष अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए विधानसभा स्तर पर संयोजक और सह-संयोजकों की नियुक्ति की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के मुताबिक, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून की कई विधानसभा सीटों में फॉर्म-07 के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने को लेकर आपत्तियां सामने आ रही हैं। कांग्रेस का कहना है कि उसका प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से न हटे।
निर्वाचन अधिकारी बोले- लिखित शिकायत नहीं मिली
उपनिर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है, लेकिन अभी तक लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उनके मुताबिक, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अपने स्तर पर मामले की जांच कर रहे हैं। अधूरे फॉर्म निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के स्तर से खारिज किए जा सकते हैं और प्राप्त आपत्तियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
