सांस की गंभीर बीमारी भी नहीं बनी बाधा, ऑक्सीजन के 2 सिलेंडर लेकर 93 KM कांवड़ यात्रा पर निकले 80 साल के शिवभक्त
मुजफ्फरनगर: कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों की आस्था के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कोई बैसाखी के सहारे यात्रा कर रहा है तो कोई शारीरिक चुनौतियों के बावजूद कांवड़ लेकर आगे बढ़ रहा है। इसी बीच मुजफ्फरनगर के मूल निवासी 80 वर्षीय परशुराम शर्मा की भक्ति चर्चा में है। सांस की गंभीर बीमारी से जूझ रहे परशुराम ऑक्सीजन के दो सिलेंडर साथ लेकर कांवड़ यात्रा पर निकले और करीब 93 किलोमीटर का सफर तय कर मुजफ्फरनगर पहुंचे।
ऑक्सीजन के दो सिलेंडर स्कूटी पर बांधे
उत्तराखंड के ज्वालापुर निवासी परशुराम शर्मा मूल रूप से मुजफ्फरनगर के नरा गांव के रहने वाले हैं। सांस की गंभीर बीमारी के चलते डॉक्टरों ने उन्हें घर पर रहने और बाहर नहीं निकलने की सलाह दी थी। इसके बावजूद भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था कम नहीं हुई और उन्होंने कांवड़ यात्रा पर जाने का फैसला किया।
परशुराम शर्मा ने अपनी स्कूटी पर ऑक्सीजन के दो सिलेंडर बांधे और ज्वालापुर से मुजफ्फरनगर के शिव चौक तक करीब 93 किलोमीटर की दूरी तय की। यह उनकी 14वीं कांवड़ यात्रा थी। शिव चौक पहुंचने के बाद उन्होंने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया और अपनी मन्नत पूरी की।
13 बार पहले भी कर चुके हैं कांवड़ यात्रा
80 वर्षीय परशुराम शर्मा इससे पहले 13 बार कांवड़ यात्रा कर चुके हैं। इस बार गंभीर बीमारी और उम्र की चुनौती के बावजूद उन्होंने यात्रा पूरी की। ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ कांवड़ लेकर पहुंचे बुजुर्ग की आस्था और हौसले को देखकर क्षेत्र में उनकी चर्चा हो रही है।
दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने भी बढ़ाया कदम
इस बार कांवड़ यात्रा में दिव्यांग और बुजुर्ग शिवभक्तों की आस्था के कई रूप देखने को मिल रहे हैं। कोई दोनों पैरों से लाचार होने के बावजूद यात्रा कर रहा है तो कोई अपने परिजनों के सहारे आगे बढ़ रहा है। कुछ श्रद्धालु सड़क पर घिसटकर भी कांवड़ यात्रा पूरी कर रहे हैं।
कई श्रद्धालु छोटे बच्चों को पालकी में बैठाकर गंगाजल लेकर जा रहे हैं। किसी ने बेटी की खुशी के लिए उसे पालकी में साथ लिया तो किसी ने बेटी को बेटे से अधिक महत्व देते हुए उसके साथ यात्रा की।
बच्चों में भी दिखा कांवड़ यात्रा का उत्साह
कांवड़ यात्रा में इस बार बड़ी संख्या में छोटे बच्चे भी शामिल हुए हैं। कई बच्चे अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों के साथ कांवड़ लेकर हरिद्वार पहुंचे। वहीं, बच्चों की एक टोली ऐसी भी रही जो अपने माता-पिता को बिना बताए घर से हरिद्वार पहुंच गई और वहां पहुंचने के बाद परिजनों को कांवड़ यात्रा में शामिल होने की जानकारी दी।
‘ड्राइवर छोरी’ ने भाइयों के साथ उठाई कांवड़
सोशल मीडिया पर ‘ड्राइवर छोरी’ के नाम से मशहूर 23 वर्षीय नीशू ने भी अपने भाइयों के साथ कांवड़ यात्रा की। हरियाणा के जींद जिले के हाड़वा गांव की रहने वाली नीशू पेशे से लोडर चलाती हैं। उन्होंने 21 लीटर गंगाजल की कांवड़ अपने माता-पिता के उत्तम स्वास्थ्य और युवाओं को नशे से दूर रखने की कामना के साथ उठाई।
नीशू के साथ उनके भाई मंदीप और अजय भी कांवड़ यात्रा पर हैं। अपने मेहनती अंदाज और अलग पहचान के चलते नीशू के फेसबुक पर ‘ड्राइवर छोरी’ नाम से 47 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
