Tuesday, July 28, 2026
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पंजाब में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर सरकार सख्त, अमन अरोड़ा बोले- जनता को परेशान कर दबाव नहीं बनाया जा सकता

सुनाम: पंजाब में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के कर्मचारियों की जारी हड़ताल के बीच राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पंजाब आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने हड़ताली कर्मचारियों से तत्काल काम पर लौटने की अपील करते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों की हर जायज मांग पर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन आम जनता और किसानों को परेशान कर दबाव बनाने का तरीका स्वीकार नहीं किया जाएगा।

धान की रोपाई के बीच बिजली संकट पर जताई चिंता

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि 21 जुलाई से जारी हड़ताल के कारण धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को सिंचाई संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली सेवाओं में व्यवधान से केवल किसान ही नहीं, बल्कि घरेलू उपभोक्ता, व्यापारी, महिलाएं और राज्य के लगभग तीन करोड़ नागरिक भी प्रभावित हो रहे हैं।

सरकार पहले ही पूरी कर चुकी है कई मांगें

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने सत्ता संभालने के बाद कर्मचारियों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। विभिन्न विभागों में हजारों युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गईं, बड़ी संख्या में अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया गया और लंबे समय से लंबित कई मांगों का समाधान किया गया। उन्होंने कहा कि पावर कॉरपोरेशन कर्मचारियों की भी कई मांगें पहले ही स्वीकार की जा चुकी हैं।

उच्चस्तरीय समिति कर रही है लंबित मांगों पर विचार

अमन अरोड़ा ने बताया कि कर्मचारी यूनियनों के आग्रह पर करीब 20 से 25 दिन पहले एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति में वित्त, बिजली और कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कर्मचारी यूनियनों के चार प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है। समिति लगातार कर्मचारियों की लंबित मांगों पर विचार कर रही है और सरकार उसकी प्रत्येक उचित सिफारिश को स्वीकार करने के लिए तैयार है।

बातचीत जारी रहते हड़ताल उचित नहीं

उन्होंने कहा कि जब सरकार और कर्मचारी यूनियनों के बीच लगातार संवाद चल रहा है, तब प्रक्रिया पूरी होने से पहले हड़ताल का रास्ता अपनाना जनहित के अनुरूप नहीं है। सरकार का मानना है कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए, न कि आवश्यक सेवाओं को बाधित करके।

ग्रामीण दौरे का उदाहरण देकर किसानों की पीड़ा बताई

कैबिनेट मंत्री ने अपने ग्रामीण दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी मुलाकात एक ऐसे किसान से हुई, जो तीन एकड़ पट्टे की जमीन पर खेती करता है। किसान ने बताया कि बिजली आपूर्ति बाधित होने से उसकी खेती और आजीविका प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मेहनतकश किसानों को किसी भी विवाद का खामियाजा नहीं भुगतना चाहिए।

मुख्यमंत्री खुद कर रहे हैं पूरे मामले की निगरानी

अमन अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और बिजली मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ भी कर्मचारी यूनियनों के संपर्क में हैं और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने के प्रयास कर रहे हैं।

सरकार ने दोहराया, हर जायज मांग पर होगा समाधान

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार कर्मचारियों की हर जायज मांग सुनने और उसका न्यायसंगत समाधान निकालने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कर्मचारी किसी भी समय मुख्यमंत्री या संबंधित मंत्रियों से मिलकर अपनी बात रख सकते हैं और जनहित तथा राज्यहित से जुड़ी प्रत्येक मांग पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

किसान संगठनों से भी की सहयोग की अपील

कैबिनेट मंत्री ने किसान संगठनों से भी अपील की कि वे कर्मचारी यूनियनों से संवाद स्थापित कर हड़ताल समाप्त कराने में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराना है और सभी पक्षों को राज्यहित को सर्वोपरि रखते हुए समाधान निकालना चाहिए।

करीब 90 प्रतिशत कर्मचारी हड़ताल पर

अमन अरोड़ा ने दावा किया कि लगभग 90 प्रतिशत, यानी करीब 18,500 कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे पूरे पंजाब में बिजली सेवाएं प्रभावित हुई हैं। उन्होंने कर्मचारियों से हाथ जोड़कर अपील की कि वे तत्काल हड़ताल समाप्त करें और बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाने में सहयोग दें।