नीट पेपर लीक मुद्दे पर केजरीवाल का बड़ा बयान, ‘जेन जी’ से आंदोलन की अपील, कहा- दोषियों को जेल भेजने के लिए सड़कों पर उतरें युवा
नई दिल्ली। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने ‘जेन जी’ से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने की अपील की है।
नेपाल और बांग्लादेश का हवाला देकर आंदोलन की बात
केजरीवाल ने अपने बयान में नेपाल और बांग्लादेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं के आंदोलनों के जरिए सरकारें बदली गईं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत के युवा पेपर लीक करने वाले कथित दोषियों को जेल नहीं भेज सकते। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
पेपर लीक मामलों को लेकर भाजपा शासित राज्यों पर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि वर्ष 2014 के बाद देश में 93 पेपर लीक मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर मामले उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और गुजरात जैसे भाजपा शासित राज्यों में हुए हैं। उन्होंने नीट पेपर लीक को लेकर भी राजस्थान का उल्लेख करते हुए कुछ भाजपा नेताओं पर संदेह जताया।
सीबीआई की भूमिका पर भी उठाए सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीआई उन लोगों के अधीन काम करती है जो इस तरह के मामलों में शामिल हो सकते हैं, इसलिए वह निष्पक्ष कार्रवाई नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक के पीछे संगठित तंत्र काम कर रहा है और इसमें ऊंचे स्तर तक धन पहुंचने की बात कही जा रही है।
‘सिस्टम नहीं, लोगों को जिम्मेदार ठहराने की जरूरत’
केजरीवाल ने कहा कि केवल सिस्टम की विफलता की बात करना गलत है, क्योंकि इसके पीछे वास्तविक लोग जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि जब तक सीधे तौर पर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होगी और उन्हें जेल नहीं भेजा जाएगा, तब तक इस तरह की घटनाएं नहीं रुकेंगी।
युवाओं से आंदोलन की अपील
उन्होंने कहा कि यदि नेपाल और बांग्लादेश के युवा अपने देशों में बदलाव ला सकते हैं, तो भारत के युवा भी ऐसा कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे इस मुद्दे पर चुप न बैठें और सड़कों पर उतरकर आंदोलन करें ताकि पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
