Friday, May 8, 2026
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छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार 2026 में उमड़ा जनसैलाब: खड़गवां के मझौली में लगा समाधान शिविर बना भरोसे का केंद्र, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की मौजूदगी में सैकड़ों समस्याओं का मौके पर निपटारा

छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के तहत विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में आयोजित “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर संवाद से संपूर्ण समाधान” कार्यक्रम जनविश्वास का बड़ा केंद्र बनकर उभरा। शिविर में सुबह से ही ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और प्रशासन तथा जनता के बीच सीधा संवाद देखने को मिला। मौके पर ही समस्याओं के समाधान ने लोगों में भरोसे और संतोष का माहौल पैदा किया।

ग्राम पंचायत अखराडांड, बरमपुर, मझौली, भूकभूकी, दुबछोला, ठग्गांव, दुग्गी, सिंघत, खड़गवां और पोडीडीह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण आवेदन और शिकायतें लेकर पहुंचे। शिविर ने “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए ग्रामीणों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत दिलाई।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ, जनभागीदारी से दिखा उत्साह

कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रिया मसराम, जनपद सदस्य श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह करियाम, जनपद सदस्य इंद्रावती सिंह, धर्मपाल सिंह और सोनमती उर्रे सहित जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।

शिविर परिसर में शुरुआत से ही उत्साह, जनसहभागिता और प्रशासन के प्रति भरोसे का माहौल दिखाई दिया। लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने रखीं।

विभिन्न विभागों के स्टॉल बने आकर्षण का केंद्र

शिविर में स्वास्थ्य, राजस्व, ग्रामीण यांत्रिकी, समाज कल्याण, कृषि, उद्यानिकी, वन, खाद्य, पुलिस, बिजली, लोक निर्माण, महिला एवं बाल विकास, आयुष्मान कार्ड, पशु चिकित्सा, पेयजल, बैंकिंग सेवाएं, आधार सेवा, मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा समेत विभिन्न विभागों के सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए थे।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित किया जाए।

कार्यक्रम में एसडीएम विज्येन्द्र सारथी, जनपद सीईओ हेमंत बंजारे, तहसीलदार सिद्धि गबेल, सीपीएस दीपिका मिंज और सीएचएमओ अविनाश खरे सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि शासन अब गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।

गोद भराई कार्यक्रम ने जोड़ी सामाजिक संवेदनशीलता

शिविर के दौरान सामाजिक सरोकार की झलक भी देखने को मिली। जनप्रतिनिधियों ने गर्भवती महिलाओं बबीता, कदम कुंवर, रजंती, रोशनी, पप्पी, ममता, मानसी, सविता और उर्मिला की गोद भराई की रस्म संपन्न कराई। इस पहल ने कार्यक्रम को केवल प्रशासनिक आयोजन न रखकर सामाजिक संवेदनशीलता का भी प्रतीक बना दिया।

392 से ज्यादा आवेदन मिले, कई मामलों का मौके पर समाधान

जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। शिविर में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा छह हितग्राहियों को राशन कार्ड, आठ लोगों को वन अधिकार पट्टा, पांच लोगों को जाति प्रमाण पत्र, अठारह किसानों को किसान किताब, पांच हितग्राहियों को आवास की चाबी, पांच लोगों को आयुष्मान कार्ड और सात लोगों को नवीन जॉब कार्ड वितरित किए गए।

इसके अलावा दो क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान की गई। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई, जबकि शेष मामलों को समय-सीमा में समाधान के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित हो रही सुशासन की नई संस्कृति: जायसवाल

अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई संस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार अब केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान कर रही है।

उन्होंने “सुशासन तिहार 2026” को जवाबदेही, जनहित और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के विकास के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं।

उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। साथ ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सुशासन और विकास का आदर्श राज्य बनेगा।

प्रशासन ने समयबद्ध निराकरण का दिया भरोसा

कार्यक्रम के अंत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विज्येन्द्र सारथी ने बताया कि शिविर में प्राप्त 392 से अधिक आवेदनों में से कई का मौके पर ही समाधान कर दिया गया है। शेष लंबित मामलों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवेदन का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।