Tuesday, April 21, 2026
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उत्तराखंड

केदारनाथ मंदिर में मोबाइल पर पूरी तरह पाबंदी, फोटो-वीडियो और रील बनाने पर सख्त कार्रवाई का ऐलान

देहरादून: उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर में अब श्रद्धालु मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लेते हुए मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम मंदिर की पवित्रता बनाए रखने और दर्शन व्यवस्था को सुचारु रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

फोटो, वीडियो और रील बनाने पर सख्ती

मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्ती ने जानकारी देते हुए बताया कि अब कोई भी श्रद्धालु मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर प्रवेश नहीं कर पाएगा। इसके साथ ही फोटो खींचने, वीडियो बनाने और सोशल मीडिया के लिए रील बनाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई

मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जो भी श्रद्धालु तय नियमों का पालन नहीं करेगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धार्मिक स्थल की गरिमा बनाए रखें और व्यवस्था को बेहतर बनाने में सहयोग करें। हाल के समय में बढ़ती भीड़ और परिसर में मोबाइल के अत्यधिक उपयोग को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्वक और व्यवस्थित ढंग से दर्शन कर सकें।

कपाट खुलने से एक दिन पहले लिया गया फैसला

यह अहम फैसला मंदिर के कपाट खुलने से ठीक एक दिन पहले लिया गया है। केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इससे पहले गौरीकुंड से डोली केदारनाथ धाम के लिए रवाना हो चुकी है। परंपरा के अनुसार डोली के पहुंचने के बाद ही मंदिर के कपाट खोले जाते हैं।

छह महीने बाद खुलेंगे कपाट, श्रद्धालुओं में उत्साह

करीब छह महीने तक बंद रहने के बाद 22 अप्रैल को वृष लग्न में सुबह आठ बजे मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। कपाट खोलने का शुभ मुहूर्त शिवरात्रि के अवसर पर तय किया गया था। वहीं, बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे, जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट 19 अप्रैल को ही श्रद्धालुओं के लिए खोले जा चुके हैं।