Monday, April 20, 2026
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मनरेगा को लेकर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 2026-27 की पहली किस्त में ₹17,744 करोड़ जारी, ग्रामीण मजदूरों के समय पर भुगतान पर फोकस

केंद्र की मोदी सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत बड़ा वित्तीय आवंटन करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली किस्त जारी कर दी है। सरकार ने मजदूरी घटक के लिए ₹17,744 करोड़ की राशि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजी है, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, फिलहाल रोजगार की मांग में कोई असामान्य वृद्धि दर्ज नहीं की गई है, हालांकि इस अवधि में सामान्य रूप से काम की मांग अधिक रहती है।

मनरेगा योजना पूरी तरह जारी रहेगी, भुगतान में नहीं आएगी बाधा
सरकार ने साफ किया है कि प्रस्तावित वीबी-जी राम जी एक्ट लागू होने तक मनरेगा योजना पूरी तरह संचालित रहेगी। इस दौरान ग्रामीण मजदूरों को मांग के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा और मजदूरी का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा। मंत्रालय के मुताबिक, नई व्यवस्था में सुचारू बदलाव के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त फंड का प्रावधान भी किया जाएगा। साथ ही, संशोधित मजदूरी दरों को जल्द अधिसूचित किए जाने की बात कही गई है, तब तक मौजूदा दरें लागू रहेंगी।

रोजगार की निरंतरता और फंड के प्रभावी उपयोग पर जोर
सरकार ने सभी राज्यों से जारी फंड का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग करने की अपील की है, ताकि मजदूरों को भुगतान में किसी तरह की देरी न हो। इस फंड रिलीज से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है, जिसमें डीबीटी और प्रभावी निगरानी पर जोर दिया जा रहा है।

ग्रामीण बुनियादी ढांचे को भी मिलेगा बढ़ावा
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के नवीनतम चरण में करीब 12,100 किलोमीटर सड़कों को मंजूरी दी गई है और फिलहाल इसकी निविदा प्रक्रिया जारी है। सरकार का फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर है।

2025-26 में 81,500 करोड़ से अधिक राशि जारी
लोकसभा में 17 मार्च 2026 को दी गई जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक मनरेगा के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ₹81,500 करोड़ से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि मजदूरी का भुगतान प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लगातार किया जा रहा है।

लंबित देनदारियों का भी ब्योरा सामने आया
11 मार्च 2026 तक राज्यों में कुल लंबित देनदारियां लगभग ₹18,862 करोड़ थीं, जिनमें ₹8,688.29 करोड़ मजदूरी, ₹9,692.28 करोड़ सामग्री और ₹502.42 करोड़ प्रशासनिक व्यय शामिल हैं। वहीं 2025-26 के दौरान 11 मार्च 2026 तक कुल ₹81,502.62 करोड़ जारी किए गए, जिसमें ₹65,875.13 करोड़ मजदूरी भुगतान और ₹15,627.48 करोड़ सामग्री व प्रशासनिक मद के लिए दिए गए।