दिल्ली

मिडिल ईस्ट संकट से हवाई यातायात चरमराया, दुबई एयरपोर्ट पर हजारों भारतीय फंसे; प्रमुख ट्रांजिट हब बने वेटिंग रूम

नई दिल्ली। मध्यपूर्व में गहराते संकट का असर अब अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर साफ दिखाई देने लगा है। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई बड़े अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट हब यात्रियों के लिए अस्थायी वेटिंग रूम में बदल गए हैं। मध्यपूर्व के अलग-अलग देशों से लौट रहे यात्रियों से बातचीत के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि विभिन्न एयरपोर्ट्स पर हजारों भारतीय यात्री फंसे हुए हैं और उन्हें अपनी अगली उड़ान के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।

दुबई एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा भारतीय यात्री फंसे

मौजूदा हालात में सबसे ज्यादा भारतीय यात्री दुबई एयरपोर्ट पर फंसे हुए हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि दुबई दुनिया के प्रमुख ट्रांजिट हब में से एक है, जहां से बड़ी संख्या में कनेक्टिंग और लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं। इन उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है।

दुबई के बाद अबू धाबी एयरपोर्ट पर भी बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। यहां से एतिहाद एयरवेज की कई उड़ानें रद्द की जा रही हैं, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई है। वहीं दोहा एयरपोर्ट पर भी बड़ी संख्या में यात्री इंतजार में बैठे हैं। ईरान और लेबनान के एयरस्पेस बंद होने के कारण कतर एयरवेज की कई उड़ानें प्रभावित हुई हैं और उन्हें रद्द करना पड़ा है।

कुवैत और मस्कट में भी यात्रियों की बढ़ी परेशानी

कुवैत और मस्कट एयरपोर्ट पर भी बड़ी संख्या में यात्री फंसे हुए हैं। यहां इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। सिर्फ पिछले 24 घंटों के भीतर ही भारतीय एयरलाइंस की 60 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

एयरपोर्ट टर्मिनल में 30 घंटे से इंतजार कर रहे यात्री

दुबई से नई दिल्ली पहुंचे एक यात्री ने बताया कि एयरपोर्ट पर कई लोग ऐसे हैं जो पिछले 30 घंटों से टर्मिनल के अंदर ही इंतजार कर रहे हैं। यात्रियों को यह तक स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही कि उनकी उड़ान कब रवाना होगी। लगातार बढ़ती भीड़ के कारण खाने-पीने और आराम की व्यवस्था भी सीमित पड़ती जा रही है।

यात्रियों के अनुसार, कई उड़ानों को दुबई और अबू धाबी की बजाय फुजैराह और दम्माम जैसे छोटे एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। इससे यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति और बढ़ गई है, क्योंकि उन्हें अपनी आगे की यात्रा को लेकर बार-बार नई जानकारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

स्पाइसजेट ने शुरू की विशेष उड़ानें

मध्यपूर्व संकट के बीच फंसे यात्रियों को राहत देने के लिए स्पाइसजेट ने विशेष उड़ानों का संचालन शुरू किया है। पांच मार्च को एयरलाइन ने कुल 13 विशेष उड़ानें संचालित कीं, जो फुजैराह से मुंबई और नई दिल्ली के लिए रवाना हुईं। इनमें से पांच उड़ानें नई दिल्ली के लिए थीं।

इससे एक दिन पहले यानी चार मार्च को भी स्पाइसजेट ने 12 विशेष उड़ानों का संचालन किया था, जिनके जरिए यात्रियों को सुरक्षित भारत लाने की कोशिश की गई।