मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारतीय यात्री लौटे देश, बताया- बहरीन में हालात सबसे खतरनाक, धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं
नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार और बृहस्पतिवार को करीब दो दर्जन उड़ानें नई दिल्ली पहुंचीं, जिनमें फुजैराह, शारजाह, मस्कट और दुबई से आने वाले यात्री शामिल थे। एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों के चेहरे पर राहत और परिवारों में खुशी का माहौल देखने को मिला।
सबसे खराब स्थिति बहरीन में
यात्रियों ने बताया कि मध्यपूर्व में स्थिति बेहद तनावपूर्ण है। बहरीन में लगातार धमाके हो रहे हैं, इमारतों में आग लग रही है और लोग भयभीत हैं। शेर अली, जो बहरीन में तीन दिन फंसे रहने के बाद दम्माम से दिल्ली पहुंचे, ने बताया कि उनके होटल के आसपास बम बरस रहे थे और डर का माहौल था। राहुल सक्सेना ने दुबई में स्थिति चिंताजनक बताते हुए कहा कि बम बरस रहे थे और धमाके लगातार सुनाई दे रहे थे।
दम्माम और फुजैराह से सुरक्षित वापसी
बहरीन और दुबई से लौटे यात्रियों ने बताया कि कनेक्टिंग फ्लाइट रद्द होने के कारण उन्हें फुजैराह और दम्माम के रास्ते वापस आना पड़ा। लंदन से बहरीन तक फंसे यात्री अमर ने कहा कि एयरपोर्ट के आसपास हमले की आवाजें लगातार सुनाई दे रही थीं और उन्होंने कई इमारतों को आग में धू-धूकर जलते देखा। अबू धाबी की उड़ानें बार-बार रद्द होने के कारण यात्रियों को फुजैराह से उड़ान लेनी पड़ी।
दिल्ली पहुंचकर मिली राहत
दिल्ली पहुंचने पर यात्रियों ने गहरी राहत महसूस की। कुछ यात्रियों ने बताया कि दुबई में हालात उतने खराब नहीं थे, जितना मीडिया में दिखाया जा रहा था। कार्यालय खुले थे, लोग रोजाना काम पर जा रहे थे और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावशाली थी। दीपिका इब्राहिम नामक यात्री ने कहा कि घरवालों की खुशी और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह भारत लौटी हैं।
यात्रियों की सरकार और एयरलाइंस से प्रशंसा
सभी यात्रियों ने भारत सरकार और एयरलाइंस की मदद की सराहना की, जिन्होंने उन्हें खतरनाक परिस्थितियों से सुरक्षित निकाल कर देश लाया। यात्रियों ने सुझाव दिया कि अभी भी बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट पर फंसे हैं, इसलिए उनकी सुरक्षित वापसी के लिए विशेष ऑपरेशन चलाना आवश्यक है।
