खामेनेई की मौत की खबर से भागलपुर में मातम, शिया समुदाय ने निकाला कैंडल मार्च; अमेरिका-इजरायल के खिलाफ जताया आक्रोश
भागलपुर। ईरान के सुप्रीम लीडर और शिया समुदाय के धर्मगुरु अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद भागलपुर में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को शिया समुदाय ने उनकी शहादत को लेकर कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिया मस्जिद से निकला जुलूस, करबला में दी गई श्रद्धांजलि
आसनंदपुर स्थित शिया मस्जिद से कैंडल जुलूस की शुरुआत हुई। यह जुलूस बड़ा इमामबाड़ा होते हुए छोटा इमामबाड़ा के पास करबला पहुंचा, जहां लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि दी। शोकसभा के दौरान माहौल गमगीन रहा और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
‘पूरी इंसानियत पर हमला’—मौलाना नासिर हुसैन
शोकसभा को संबोधित करते हुए मौलाना नासिर हुसैन ने कहा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई की शहादत केवल एक व्यक्ति की क्षति नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत पर हमला है। उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर दुनिया भर में गहरा आक्रोश है।
ज़िला शिया वक्फ के सचिव सैयद जीजाह हुसैन ने कहा कि खामेनेई अमेरिका और इजरायल के कथित जुल्म के खिलाफ आवाज उठाते रहे और मजलूमों का साथ देते रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि विश्व समुदाय ने ऐसे मामलों में चुप्पी साधी रखी, तो ताकतवर देशों का दबदबा और बढ़ेगा।
करबला का दिया उदाहरण
मौलाना नासिर हुसैन ने अपने संबोधन में कहा कि इतिहास गवाह है, जब-जब बेइंसाफी हुई है, लोगों ने सिद्धांतों के साथ उसका विरोध किया है। उन्होंने करबला की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना ही इमाम हुसैन का संदेश रहा है।
कैंडल मार्च में शिया समाज के अलावा सुन्नी समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे आपसी एकजुटता का संदेश भी गया।
