उत्तराखंड में रूफटॉप सोलर पर बड़ा फैसला: सरप्लस बिजली अब 2 रुपये प्रति यूनिट, 20 अगस्त 2025 से लागू नई दर
देहरादून। उत्तराखंड में रूफटॉप सोलर उपभोक्ताओं के लिए अहम निर्णय लिया गया है। राज्य विद्युत नियामक आयोग (यूइआरसी) ने ग्रिड में भेजी जाने वाली अतिरिक्त यानी सरप्लस बिजली के लिए दो रुपये प्रति यूनिट की नई दर तय कर दी है। पहली बार आयोग ने सरप्लस बिजली खरीद के लिए अलग से दर निर्धारित की है। यह व्यवस्था 20 अगस्त 2025 को पारित आदेश के अनुपालन में लागू की गई है।
यूइआरसी के निर्देश के बाद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने नई टैरिफ दर प्रभावी कर दी है। आदेश के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2025-26 और उसके बाद स्थापित होने वाले ग्रिड-कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट्स के लिए नेट मीटरिंग के तहत सरप्लस बिजली दो रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदी जाएगी।
यह दर उन सभी उपभोक्ताओं पर लागू होगी जो अपने परिसर में सौर संयंत्र लगाकर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में निर्यात करते हैं। खास बात यह है कि यह दर उपभोक्ता को मिलने वाली केंद्र या राज्य सरकार की सब्सिडी से अप्रभावित रहेगी। नई दर 20 अगस्त 2025 से प्रभावी मानी जाएगी।
यूइआरसी का तर्क: दोहरा लाभ नहीं
यूइआरसी ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि सोलर परियोजनाओं को पहले ही केंद्र और राज्य सरकार से सब्सिडी का लाभ मिलता है। ऐसे में एक ही परियोजना को बार-बार लाभ नहीं दिया जा सकता। इसी आधार पर सरप्लस बिजली की खरीद दर दो रुपये प्रति यूनिट तय की गई है।
यूपीसीएल के मुख्य अभियंता (वाणिज्यिक) एनएस बिष्ट ने बताया कि आयोग के आदेश के अनुरूप नई दर लागू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भी सरप्लस बिजली इसी दर पर खरीदी जा रही है।
क्या है नेट मीटरिंग व्यवस्था
रूफटॉप सोलर प्लांट से दिन के समय जितनी बिजली पैदा होती है, उसमें से पहले उपभोक्ता अपनी जरूरत की बिजली का उपयोग करता है। जरूरत से अधिक बची हुई बिजली नेट मीटर के माध्यम से ग्रिड में चली जाती है। शाम या रात में जब सोलर उत्पादन नहीं होता, तब उपभोक्ता ग्रिड से बिजली लेता है। इसी आयात-निर्यात का समायोजन नेट मीटरिंग के तहत किया जाता है।
सरप्लस बिजली से कैसे मिलता है फायदा
यदि वित्तीय वर्ष के अंत में उपभोक्ता ने जितनी बिजली ग्रिड से ली है उससे अधिक यूनिट ग्रिड में भेजी हैं, तो अतिरिक्त यूनिट का भुगतान आयोग द्वारा तय दर पर क्रेडिट के रूप में किया जाता है। अब यह क्रेडिट दो रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगा।
