Sunday, March 1, 2026
अन्य राज्य

ऐतिहासिक इजरायल दौरा पूरा कर लौटे पीएम मोदी, 27 समझौतों के साथ रिश्तों को मिला ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय ऐतिहासिक राजकीय यात्रा पूरी कर शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे भारत लौट आए। नौ वर्षों में उनका यह पहला इजरायल दौरा रहा, जिसे भारत–इजरायल संबंधों के लिहाज से एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। इस यात्रा का सबसे बड़ा परिणाम यह रहा कि दोनों देशों के रिश्तों को अब ‘स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप’ के स्तर तक उन्नत कर दिया गया है।

27 समझौतों पर हस्ताक्षर, बहु-आयामी सहयोग को नई रफ्तार

इस दो दिवसीय दौरे के दौरान भारत और इजरायल के बीच कुल 27 समझौतों और समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करते हैं।

टेक्नोलॉजी और रक्षा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और सुरक्षा सहयोग को मजबूती दी गई है। आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के तहत इनोवेशन, मैन्युफैक्चरिंग और व्यापक आर्थिक सहभागिता पर सहमति बनी है। इसके अलावा सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंधों को भी नए आयाम देने के लिए कल्चरल एक्सचेंज और डिप्लोमैटिक सहयोग से जुड़े समझौते किए गए।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर बड़ी घोषणा

व्यापारिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में प्रधानमंत्री मोदी ने अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देंगे। इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक बाधाएं कम होंगी और आयात-निर्यात को नई गति मिलेगी।

इनोवेशन, सेमीकंडक्टर और कृषि तकनीक पर विशेष जोर

यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली नेतृत्व के बीच भविष्य की तकनीकों और नवाचार को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। खास तौर पर सेमीकंडक्टर निर्माण, कृषि तकनीक और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में इजरायल की विशेषज्ञता का लाभ भारत को मिलने की संभावना जताई गई।

विश्लेषकों के अनुसार, यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि आने वाले वर्षों की रणनीतिक साझेदारी की ठोस आधारशिला साबित हो सकता है। भारत और इजरायल के बीच बढ़ता सहयोग रक्षा, तकनीक, व्यापार और नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं खोलने वाला माना जा रहा है।