उत्तर प्रदेश

आल्हा-उदल की वीरभूमि महोबा बनेगा नया टूरिज्म हब, स्वदेश दर्शन 2.0 से बदलेगी बुंदेलखंड की तस्वीर

लखनऊ/महोबा: बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नई उड़ान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। आल्हा-उदल की वीरगाथाओं से जुड़ी चंदेलों की सांस्कृतिक राजधानी महोबा को अब कल्चरल और एजुकेशनल टूरिज्म हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत महोबा में पर्यटन विकास के कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे आने वाले वर्षों में यह जिला उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है।

प्रधानमंत्री के विजन के तहत बुंदेलखंड पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पर्यटन विकास विजन के अनुरूप अयोध्या, काशी और मथुरा के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार का विशेष फोकस बुंदेलखंड क्षेत्र पर है। सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली अतीत को संरक्षित करते हुए उसे पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है। आल्हा और उदल जैसे महान योद्धाओं की धरती महोबा, अपनी समृद्ध विरासत के चलते इस योजना का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

24.98 करोड़ की लागत से इंटीग्रेटेड टूरिज्म प्रोजेक्ट
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के निर्देश पर स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के अंतर्गत महोबा में 24.98 करोड़ रुपये की लागत से एक इंटीग्रेटेड टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। कुल परियोजना राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा कार्यदायी संस्था यूपीपीसीएल, बांदा को जारी किया जा चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें सन इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण, त्रिकोणीय गार्डन का विकास, भव्य प्रवेश द्वार और आधुनिक साइनेज की व्यवस्था शामिल है। परियोजना को वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

पर्यटन मंत्री का दावा, महोबा की विरासत को मिलेगा नया जीवन
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की सभ्यता और इतिहास का जीवंत प्रतीक है। आल्हा-उदल जैसे वीर योद्धाओं की यह धरती अब आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ नई पहचान बना रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वदेश दर्शन 2.0 जैसी योजनाएं महोबा की ऐतिहासिक विरासत को नया जीवन दे रही हैं। मंत्री के अनुसार, वर्ष 2025 में महोबा में करीब 28 लाख पर्यटकों का आगमन हुआ, जो जिले की बढ़ती लोकप्रियता का स्पष्ट संकेत है।

सन इंटरप्रिटेशन सेंटर बनेगा प्रोजेक्ट का मुख्य आकर्षण
इस परियोजना का सबसे बड़ा आकर्षण सन इंटरप्रिटेशन सेंटर है, जिसे 4,210 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र भारतीय परंपरा में सूर्य के वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व को रोचक और सरल तरीके से प्रस्तुत करेगा। सेंटर की छत का डिज़ाइन दिन के आठ प्रहर—उषा, पूर्वान्ह, मध्यान्ह, अपराह्न, सायंकाल, प्रदोष, निशीथ और त्रियामा—का प्रतीक होगा। परिसर में विशेष रूप से डिज़ाइन की गई सनडायल स्थापित की जाएगी, जो सूर्य की किरणों के आधार पर समय बताएगी।

ग्रीन और सस्टेनेबल टूरिज्म पर विशेष जोर
सन इंटरप्रिटेशन सेंटर में सोलर पैनल, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, ग्रास पेवर्स और इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम जैसी इको-फ्रेंडली सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य हरित और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा देना है, ताकि विकास के साथ पर्यावरण संतुलन भी बना रहे।

इंटरैक्टिव गैलरियों में दिखेगा सूर्य और सभ्यता का रिश्ता
केंद्र में इंटरैक्टिव गैलरियों की एक श्रृंखला तैयार की जाएगी। इनमें एक गैलरी सूर्य और प्राचीन ग्रीक देवता हेलिओस की कहानियों को चित्रकारी और मूर्तियों के माध्यम से प्रस्तुत करेगी। दूसरी गैलरी में कोणार्क सूर्य मंदिर और मार्तंड सूर्य मंदिर जैसे प्रमुख सूर्य मंदिरों को आर्किटेक्चरल मॉडल और विज़ुअल एलिमेंट्स के जरिए दर्शाया जाएगा। सूर्य और एस्ट्रोनॉमी गैलरी में मौसम, कैलेंडर और खगोलीय गतिविधियों में सूर्य की भूमिका को समझाया जाएगा, जबकि सूर्य और एस्ट्रोलॉजी गैलरी में 3D प्रोजेक्शन और साउंड इफेक्ट्स के माध्यम से सूर्य और मानव जीवन के संबंध को जीवंत रूप में दिखाया जाएगा।

तिकोना गार्डन और भव्य प्रवेश द्वार बनेंगे नई पहचान
ग्रीन टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सन इंटरप्रिटेशन सेंटर से करीब चार किलोमीटर दूर शिवतांडव रोड पर एक खूबसूरत त्रिकोणीय गार्डन विकसित किया जा रहा है। गार्डन के केंद्र में सात घोड़ों के रथ पर सवार सूर्य देव की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जिसे महोबा का नया कल्चरल लैंडमार्क माना जा रहा है। इसके साथ ही पर्यटकों के स्वागत के लिए तीन भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, जिन पर सैंडस्टोन से बनी सूर्य देव की कलात्मक प्रतिमाएं लगाई जाएंगी।

एजुकेशनल टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने कहा कि बुंदेलखंड का इतिहास अत्यंत प्राचीन और गौरवशाली है। स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत महोबा में चल रहा यह प्रोजेक्ट केवल पर्यटन सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे स्थल विकसित करना है, जहां छात्र और युवा इस क्षेत्र के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को समझ सकें। उन्होंने कहा कि सन इंटरप्रिटेशन सेंटर जैसे प्रोजेक्ट्स हेरिटेज, विज्ञान और पारंपरिक ज्ञान को एक साथ जोड़कर एजुकेशनल टूरिज्म को मजबूती देंगे और बुंदेलखंड की पहचान को लंबे समय तक संरक्षित रखेंगे।