शाहजहांपुर में वंदे भारत की चपेट में आया 12वीं का छात्र, मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में हंगामा और तोड़फोड़
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में वंदे भारत ट्रेन की टक्कर से 12वीं कक्षा के छात्र की मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। हादसे में घायल छात्र को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए ट्रामा सेंटर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। करीब दो घंटे तक मेडिकल कॉलेज परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
कोचिंग जाते समय हुआ हादसा, वंदे भारत की चपेट में आया छात्र
निगोही थाना क्षेत्र के ढकिया तिवारी गांव निवासी अंकित चौहान रविवार दोपहर ट्रेन से शाहजहांपुर शहर कोचिंग पढ़ने आया था। स्टेशन से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर मोक्षाधाम रेलवे क्रॉसिंग के पास वह रेलवे ट्रैक तक पहुंच गया। इसी दौरान लखनऊ की ओर जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ट्रेन को लगभग आधे घंटे तक रोकना पड़ा।
RPF की सूचना पर अस्पताल पहुंचाया गया, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल ने सदर पुलिस को जानकारी दी। पुलिस की मदद से घायल छात्र को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां ट्रामा सेंटर में तैनात चिकित्सक ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत की खबर मिलते ही परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए।
इलाज में लापरवाही का आरोप, ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़
मेडिकल कॉलेज पहुंचे परिजनों ने आरोप लगाया कि छात्र की सांसें चल रही थीं, इसके बावजूद उसे मृत घोषित कर मोर्चरी भेज दिया गया। इसी बात को लेकर परिजनों और चिकित्सकों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। गार्डों ने जब स्थिति संभालने की कोशिश की तो हंगामा बढ़ गया और ट्रामा सेंटर में तोड़फोड़ शुरू हो गई। हालात ऐसे हो गए कि कई कर्मचारी खुद को कमरों और शौचालयों में बंद करने को मजबूर हो गए, जबकि कुछ स्टाफ ड्यूटी छोड़कर बाहर निकल गया।
हंगामे में पुलिस और गार्डों की कार्रवाई, मारपीट का वीडियो वायरल
हंगामे के दौरान पुलिसकर्मियों और सुरक्षा गार्डों ने छात्र के पिता विमलेश और तेहरे भाई दिलीप की पिटाई कर दी। इस दौरान दिलीप के हाथ में चोट लग गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
रील बनाने की आशंका पर भड़के परिजन
घटना के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने परिजनों को बताया कि अंकित रेलवे ट्रैक के पास रील बना रहा था, तभी हादसा हुआ। इस बात पर परिजन भड़क गए। तेहरे भाई दिलीप ने कहा कि अंकित का मोबाइल ठीक से काम नहीं कर रहा था, ऐसे में उसके रील बनाने की बात पूरी तरह गलत है। विवाद बढ़ने के बाद पुलिसकर्मियों ने भी इस दावे पर चुप्पी साध ली।
मोर्चरी भेजने को लेकर भी उठा विवाद
परिजनों का आरोप है कि ट्रामा सेंटर पहुंचने के बाद बिना समुचित जांच के अंकित को मृत घोषित कर मोर्चरी भेज दिया गया। उनका कहना है कि छात्र की सांसें चल रही थीं और उसे बचाया जा सकता था। इसी आरोप के चलते शव को मोर्चरी से वापस ट्रामा सेंटर ले जाने की मांग को लेकर भी विवाद हुआ।
प्रशासन और पुलिस का पक्ष, जांच के आदेश
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि ट्रामा सेंटर में छात्र को मृत अवस्था में लाया गया था और तोड़फोड़ करना गलत है। पूरे मामले की जांच के बाद तहरीर दी जाएगी। वहीं एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि रेलवे ट्रैक के पास रील बनाते समय हादसा होने की बात सामने आ रही है। ट्रामा सेंटर में हुई तोड़फोड़ और इलाज में लापरवाही के आरोपों की जांच कराई जा रही है, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
