हरियाणा

सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा, गेट गिरने से मची अफरा-तफरी, दो लोग घायल, सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल

फरीदाबाद। फरीदाबाद के प्रतिष्ठित सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेले में शनिवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गेट नंबर दो अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में दो लोग घायल हो गए, जिनमें सेक्टर-28 निवासी सुमित मल्होत्रा और एक बच्चा शामिल है। घटना शाम करीब पांच बजे की बताई जा रही है, जब मेले में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

तेज हवा के झोंके से गिरा गेट
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गेट नंबर दो कुछ समय से हिल रहा था। मेला प्रबंधन के कर्मचारी गेट को ठीक करने की कोशिश कर रहे थे और लोगों को उस हिस्से से दूर रहने की सलाह भी दी जा रही थी। इसी दौरान अचानक तेज हवा का झोंका आया और गेट संतुलन खो बैठा। गेट गिरते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

मलबे में दबे सुमित मल्होत्रा, बच्चे को भी आई चोट
हादसे के समय वहां से गुजर रहे सुमित मल्होत्रा गेट के नीचे दब गए, जबकि पास से गुजर रहे एक बच्चे को भी चोट लग गई। मौके पर मौजूद लोगों और कर्मचारियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला।

बादशाह खान अस्पताल में कराया गया इलाज
घायलों को तुरंत बादशाह खान नागरिक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, सुमित मल्होत्रा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बच्चे को हल्की चोटें आई हैं। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है और किसी तरह का गंभीर खतरा नहीं है।

सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल
हादसे के बाद मेले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बताया जा रहा है कि गेट की स्थिति पहले से खराब थी, इसके बावजूद उसे समय रहते सुरक्षित नहीं किया गया। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मेला प्रबंधन से रिपोर्ट तलब की गई है।

गेट सील, अतिरिक्त सुरक्षा तैनात
मेला प्रबंधन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा है कि मामले की जांच की जा रही है और लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गेट नंबर दो को सील कर दिया गया है और आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं, ताकि भविष्य में किसी तरह की अनहोनी न हो।

भीड़भाड़ वाले मेले में सुरक्षा पर चिंता
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला देश-विदेश से आने वाले हजारों पर्यटकों और कारीगरों के लिए जाना जाता है। ऐसे में इस तरह की घटना ने सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। प्रशासन और मेला प्रबंधन के सामने अब चुनौती है कि बाकी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जाए।