Monday, March 2, 2026
हिमाचल प्रदेश

हिमाचल में अब नकल और पेपर लीक पर सख्त कानून, 2 साल तक की जेल और भारी जुर्माना तय

शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कार्मिक विभाग ने हिमाचल प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2025 की अधिसूचना जारी कर इसे 9 फरवरी 2026 से लागू करने की घोषणा की है। नए कानून का उद्देश्य भर्ती, बोर्ड और अन्य सरकारी परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक और संगठित धोखाधड़ी पर पूरी तरह अंकुश लगाना है।

नकल और पेपर लीक अब दंडनीय अपराध
अधिसूचना के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक परीक्षा में नकल करना, पेपर लीक करना या अनुचित साधनों का प्रयोग करना सख्त अपराध माना जाएगा। इसके तहत दोषियों को दो साल तक की जेल और जुर्माने की सजा का प्रावधान है। हाल के वर्षों में परीक्षा प्रक्रियाओं में बढ़ते मामलों ने यह कानून लागू करने की जरूरत को और मजबूत किया है।

परीक्षा स्टाफ और अधिकारी भी नहीं बचेगा बेकसूर
इस कानून के तहत केवल परीक्षार्थी ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया में शामिल अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति जो मिलीभगत में पाए जाएंगे, उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी या किसी भी गोपनीय सामग्री को लीक करना या करवाना सीधे अपराध की श्रेणी में आएगा।

टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर भी रोक
नए कानून में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, ब्लूटूथ, गैजेट या अन्य तकनीकी साधनों से नकल करने वाले दोषियों के लिए भी सख्त दंड का प्रावधान किया गया है। परीक्षा केंद्र या परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने पर जुर्माना, कारावास या दोनों का सामना करना पड़ेगा। साथ ही सभी परीक्षा एजेंसियों को सुरक्षा और गोपनीयता के उच्चतम मानक अपनाने होंगे।