छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले: नई स्टार्टअप और क्लाउड नीति को मंजूरी, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स और SOG के गठन पर मुहर
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में राज्य की सुरक्षा, तकनीकी विकास, युवाओं के रोजगार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई बड़े और दूरगामी फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने जहां मादक पदार्थों और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कदम उठाए, वहीं स्टार्टअप, क्लाउड टेक्नोलॉजी और विमानन क्षेत्र में नई नीतियों के जरिए विकास को गति देने का निर्णय लिया।
मादक पदार्थों पर सख्ती, 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स
कैबिनेट ने नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर समेत प्रदेश के 10 प्रमुख जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दी। इसके लिए बजट में 100 नए पद सृजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना और युवाओं को इसकी गिरफ्त से बाहर निकालना है।
आतंकी और आपात स्थितियों से निपटने को बनेगा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप
राज्य की आंतरिक सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए पुलिस मुख्यालय के अंतर्गत विशेष एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) के गठन का फैसला किया गया है। इस यूनिट में 44 विशेषज्ञ पद स्वीकृत किए गए हैं, जो आतंकी गतिविधियों और गंभीर आपात परिस्थितियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएंगे।
युवाओं के लिए विमानन क्षेत्र में नए अवसर
प्रदेश के युवाओं को एविएशन सेक्टर में करियर का मौका देने के लिए कैबिनेट ने विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों पर उड़ान प्रशिक्षण संगठन (FTO) स्थापित करने का निर्णय लिया है। निजी सहभागिता से शुरू होने वाले इन केंद्रों में पायलट ट्रेनिंग के साथ एयरक्राफ्ट रिसाइकिलिंग और एयरो स्पोर्ट्स जैसी गतिविधियां भी विकसित की जाएंगी।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा, नई नीति को हरी झंडी
राज्य में नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए मंत्रिपरिषद ने ‘छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26’ को मंजूरी दी है। इस नीति के जरिए छत्तीसगढ़ को निवेश और स्टार्टअप के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
आवासीय कॉलोनियों के हस्तांतरण से लोगों को राहत
आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) द्वारा निर्मित 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगमों और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला किया है। इससे निवासियों को दोहरे रखरखाव शुल्क से मुक्ति मिलेगी और सड़क, सफाई व जलापूर्ति जैसी सुविधाएं बेहतर होंगी।
नवा रायपुर में विशाल प्रशासनिक भवन और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा
कैबिनेट ने नवा रायपुर में सभी सरकारी विभागों के लिए एक बड़े बहुमंजिला प्रशासनिक भवन के निर्माण को मंजूरी दी। साथ ही, सिरपुर और अरपा क्षेत्र के विकास के लिए संबंधित कलेक्टरों को मात्र एक रुपये के प्रीमियम पर भूमि आवंटन का अधिकार देने का निर्णय लिया गया।
क्लाउड फर्स्ट नीति से मजबूत होगी साइबर सुरक्षा
डिजिटल गवर्नेंस को सशक्त बनाने के लिए ‘छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति’ लागू की गई है। इसके तहत सभी सरकारी विभाग भारत सरकार द्वारा अनुमोदित सुरक्षित क्लाउड सेवाओं का ही उपयोग करेंगे। उच्च प्राथमिकता वाली सेवाओं का माइग्रेशन वर्ष 2029-30 तक पूरा किया जाएगा, जिससे डेटा सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी।
दूरदराज इलाकों में मोबाइल कनेक्टिविटी को मिलेगी रफ्तार
नक्सल प्रभावित और दुर्गम क्षेत्रों में संचार व्यवस्था सुधारने के लिए कैबिनेट ने मोबाइल टावर योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत नेटवर्क विहीन गांवों में टावर लगाए जाएंगे, जिससे डायल 112, पीडीएस राशन वितरण और ऑनलाइन शिक्षा जैसी सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकेंगी।
