Monday, March 2, 2026
उत्तर प्रदेश

बस्ती मंडल के कुर्मी क्षत्रप रामप्रसाद चौधरी के पूर्व सांसद भतीजे से मिल कर योगी ने अखिलेश की नींद उड़ाई!

पूर्वांचल में पंकज इफेक्ट की शुरुआत!

लखनऊ। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पूर्वांचल में खेला शुरू कर दिया। 2024 कि लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार में कुर्मी समाज की दूरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जनाधार वाले कुर्मी नेता के परिवार में सेंध लगाने का संकेत दिया है। इस दृष्टि से जो खबर आयी है उसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कदम में कदम मिला कर चलने का भी संकेत मिल रहा है। यदि यह ट्रेलर सही दिशा में है तो कुर्मी वोटों के समर्थन से समाजवादी पार्टी का सबसे मजबूत किला बन चुका पूर्वी उत्तर प्रदेश 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा की चूल हिला देगा।

मंगलवार को बस्ती से सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री उत्तर पार्टी के राष्ट्रीय सचिव बस्ती से लोकसभा सदस्य राम प्रसाद चौधरी के भतीजे पूर्व सांसद अरविंद चौधरी का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलते हुये एक चित्र वायरल हुआ। चित्र वायरल होते ही बस्ती मंडल की ही नहीं अयोध्या, देवीपाटन व गोरखपुर मंडल में कुर्मी समाज के आंतरिक राजनीति में भूचाल आ गया। राम प्रसाद चौधरी बस्ती जिले में अपनी लोकप्रियता व पकड़ के बल पर अपने बेटे कवींद्र चौधरी को अपनी छोड़ी गयी विधानसभा सीट कप्तानगंज से विधायक का टिकट दिलवा कर विधायक बनवा दिया। इससे पहले बस्ती लोकसभा सीट पर अपने भतीजे अरविंद चौधरी को बसपा से सांसद बनवा चुके हैं।

2022 में बसपा से सपा में आने के बाद राम प्रसाद चौधरी ने बस्ती जिले की रुधौली विधानसभा सीट पर अपने खास बसपा में से विधायक रह चुके राजेन्द्र चौधरी, महादेव सुरक्षित से अपने सबसे खास दलित नेता पूर्व विधायक दूधराम को सपा गठबंधन में चुनाव लड़े भारतीय समाज पार्टी (भासपा) से टिकट दिलवा कर विधायक बनवाने के लिये जाने जाते हैं। राम प्रसाद चौधरी के दबदबे के कारण ही बस्ती सदर की शहर वाली सीट भी भाजपा के कुर्मी प्रत्याशी दयाराम चौधरी को हरा कर जितवाया है। हालांकि सपा विधायक महेंद्र यादव अति विनम्रता और जनता के मुद्दे पर संघर्षों के लिये जन-जन की जुबान पर रहने का गौरव प्राप्त किया है।

फिर भी बस्ती सदर विधानसभा क्षेत्र में यादव और मुस्लिम मिल कर अकेले चुनाव जीत लेंगे आज के परिवेश में यह असंभव है। इस विधानसभा क्षेत्र में ब्राह्मण और कुर्मी मतदाताओं का दबदबा है। राम प्रसाद चौधरी के किले में सेंध लगाने की हर फितरत फेल होने के बाद भाजपा ने उनके घर-परिवार में सेंध लगा कर उनके आंख से काजल निकाल लिया है।

अरविंद चौधरी 2009 से 2014 तक बसपा के टिकट पर बस्ती से लोकसभा सदस्य रहे हैं। वह सपा सांसद राम प्रसाद चौधरी के भतीजे हैं। मुख्यमंत्री से भेंट के बाद उनके भाजपा में जाने की अटकलें तेज हो गयी हैं। राम प्रसाद चौधरी ने बेटे की राजनीति के लिये अरविंद चौधरी को नेपथ्य में ढकेल दिया। कुर्मी समाज के लोग भी दबी जुबान से यह कहने लगे थे कि राम प्रसाद चौधरी को पुत्र मोह में ऐसा नहीं करना था।

राम प्रसाद चौधरी की शागिर्दीगी में अरविंद चौधरी को एक बार की लोकसभा सदस्यता को छोड़ कर हर मोर्चे पर संघर्ष ही करना पड़ा है। राम प्रसाद लगातार पांच बार विधायक रहे हैं, सबसे पहले वह 1989 में वीपी सिंह के बोफोर्स की हवा में जनता दल से खलीलाबाद लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गये थे। उसके बाद 1993 समाजवादी पार्टी, 1996 में बसपा, 2002 से 2007 बसपा और 2007 से 2012 व 2012 से 2017 तक बसपा से विधानसभा में पहुंचते रहे।

2017 में इन्हें भाजपा नये नवेले नेता सीए चंद्र प्रकाश शुक्ला ने पराजित कर दिया। उसके बाद 2022 में पूरे कुनबे के साथ राम प्रसाद चौधरी बसपा छोड़ कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गये। 2022 में इनकी परंपरागत विधानसभा सीट कप्तानगंज से इनके बेटे विधायक बने। 2022 में योगी लहर के बाद भी बस्ती के पांच में चार सीटों पर भाजपा के विधायक हार गये। बताते चलें कि भाजपा से सीटिंग सांसद हरीश द्विवेदी ने अपने विधायकों को जिताने में पूरी ताकत लगा दिया लेकिन जब परिणाम आया तो उस परिणाम से संकट का जो बादल मंडराया उसकी वर्षा के चलते उन्हें भी 2024 के लोकसभा चुनाव में एक लाख से अधिक मतों से पराजय का मुंह देखना पड़ा।

रामप्रसाद चौधरी किंग मेकर के साथ बस्ती के के राजनैतिक किंग बने, लेकिन मंगलवार को उनके भतीजे व पूर्व सांसद अरविंद चौधरी की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भेंट ने चौधरी की बादशाहत के दरकने का संकेत दिया है। कुर्मी समुदाय के एकमेव नेता रूप में स्थापित रामप्रसाद चौधरी के सामने अब समाज के अन्य युवक प्रश्न खड़ा करेंगे कि कुर्मी शक्ति का सारा राजनैतिक-सामाजिक-आर्थिक लाभ केवल अकेले आपको और आपके बेटे को मिलना चाहिये? समाज के अन्य युवक केवल आपका नारा लगाने के लिये तक सीमित हैं। आप अपने परिवार को नहीं जोड़ कर रख पाये तो समाज को क्या जोड़ेंगे? क्या यही आपका न्याय है? इन सवालों से कुछ हो या न हो लेकिन रामप्रसाद चौधरी जैसे गंभीर व्यक्ति को कुछ तो असहज कर ही सकता है।

भाजपा के प्रादेशिक रणनीतिकारों और स्थानीय भाजपाइयों का कहना है कि अरविंद चौधरी कप्तानगंज विधानसभा से चुनाव लड़ाया जाय ताकि पार्टी को अरविंद चौधरी के भाजपा में आने की सार्थकता की परख हो जाय। निकट भविष्य में अरविंद चौधरी भाजपा में आ गये और चर्चा के अनुसार वह कप्तानगंज से चुनाव लड़ेंगे तो समाजवादी पार्टी मुश्किल बढ़ने के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का भी दबदबा बढ़ेगा। हालांकि कि कुर्मी समाज के बड़े वर्ग का अनुमान है कि वह बस्ती सदर विधानसभा से चुनाव लड़ कर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आंखों के तारे युवा विधायक महेंद्र यादव से लड़ कर उन्हें पराजित कर भाजपा में मजबूती के साथ स्थाई रूप से अपना स्थान पक्का करना चाहते हैं।